अंजलि राय, भोपाल। School Education बच्चों को सुबह 4 बजे उठना है और रात 11 बजे तक पढ़ाई करनी है। इसके अलावा सभी काम टाइम टेबल (Daily Time Table) के अनुसार करना है। स्कूल आने से पहले घर पर 4 घंटे की अतिरिक्त पढ़ाई करनी है। इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए भी नए प्रयोग किए गए हैं। राजधानी स्थित एक सरकारी स्कूल (Government School Bhopal) में बच्चों की 100 फीसदी उपस्थिति के लिए प्राचार्य ने अभिभावकों के लिए तीन प्रकार के नोटिस तैयार किए हैं। इसमें हर माह के अंत में बच्चों की उपस्थिति यदि 60 फीसदी से कम है तो अभिभावक को नोटिस भेजा जा रहा है। यह अनूठा प्रयोग प्रोफेसर कॉलोनी स्थित शासकीय विद्या विहार उमावि (Government Vidya Vihar HSS Bhopal) के 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए किया गया है। यहां पर प्राचार्य ने बच्चों के सोने, जागने, पढ़ने, टीवी देखने तक के लिए टाइम टेबल बनाकर अभिभावकों को दे दिया है। इसमें सुबह 4 से रात 11 बजे तक का विषयवार और दिनचर्या अनुसार टाइम टेबल है।

तीन नोटिस के बाद नाम काट दिया जाएगा

9वीं से 12वीं तक के बच्चों की उपस्थिति 10 फीसदी करने के लिए तीन अलग-अलग रंग के नोटिस तैयार किया गया है। इसमें पीले रंग का प्रथम नोटिस दिया जाएगा। अगर इसके बाद भी उपस्थिति नहीं बढ़ी तो गुलाबी रंग का दूसरा और तीसरा सफेद रंग का नोटिस दिया जा रहा है। यह नोटिस बच्चों के अनुपस्थित रहने पर अभिभावकों को दिया जा रहा है, ताकि वे बच्चों को स्कूल भेज सकें। अगर तीन नोटिस के बाद भी बच्चे की उपस्थिति सौ फीसदी नहीं बढ़ी तो उसका नाम काट दिसर जाएगा।

छात्रावास में शिक्षक जाकर पढ़ा रहे हैं

हर दिन एक शिक्षक छात्रावास में जाकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं, ताकि अगर कुछ समझ में नहीं आए तो उसे क्लियर किया जा सके। इसके अलावा छात्रावास में टाइम टेबल का पालन किया जा रहा है कि नहीं इसकी मॉनीटरिंग शिक्षक व प्राचार्य द्वारा की जा रही है।

इस तरह से बनाया टाइम टेबल

9वीं से 12वीं कक्षा (विषय कक्षावार अलग-अलग)

प्रात: 4 बजे - घड़ी से अलार्म सुनकर उठना।

प्रात: 4:15 बजे- ब्रश व मुंह धोकर तैयार होना, चाय या दूध पीना अगर आदत हो तो।

4:15- 5:15 - विज्ञान विषय का अध्ययन करना।

5:15- 6:15- अंग्रेजी विषय का अध्ययन करना।

6:15- 7:00- हिंदी विषय का अध्ययन।

7 से 8 बजे - नाश्ता करना, पेपर पढ़ना अन्य कार्य व विश्राम।

8 से 9 बजे - गणित का अध्ययन।

9 से 10 बजे- स्कूल के लिए तैयार होकर समय से आना।

स्कूल में - 10:30 से शाम 5 बजे तक अध्ययन करना।

शाम 6 से रात 8 बजे- सभी विषयों का होमवर्क करना

8 से 9 बजे तक - डिनर व टीवी देखना।

9 से 10 बजे तक- संस्कृत पढ़ना।

10 से 11 बजे तक- सामाजिक विज्ञान पढ़ना।

11 बजे - सोने की तैयारी एवं तनाव मुक्त होकर सोना।

जब तक स्कूल में बच्चों की उपस्थिति सौ फीसदी नहीं होगी, तब तक रिजल्ट बेहतर नहीं होगा। साथ ही बच्चों के लिए गुरुकुल या नवोदय विद्यालय की तर्ज पर हर काम समय पर और अनुशासन में रहना जरूरी है। इसके लिए टाइम टेबल बनाया गया है। इसमें शिक्षक भी भरपूर सहयोग कर रहे हैं। निशा कामरानी, प्राचार्य, शासकीय उमावि विद्या विहार

Posted By: Prashant Pandey