भोपाल (राज्य ब्यूरो)। राजधानी की हरियाली पर भी ग्रहण लग गया है। बीआरटीएस और स्मार्ट सिटी की आड़ में पहले ही हजारों हरे-भरे पेड काट दिए गए। वन महकमे की लापरवाही से भोपाल वनमंडल में दो तिहाई क्षेत्र अवैध कटाई से प्रभावित है। 13 प्रतिशत जंगल पर अतिक्रमण है। यह चौंकाने वाले तथ्य मुख्य वन संरक्षक स्तर के आइएफएस अधिकारी प्रभात कुमार वर्मा द्वारा बनाई गई कार्ययोजना में उजागर हुए हैं।

वर्मा ने वर्ष 2021-22 से 2030-31 के लिए कार्ययोजना बनाई है। राज्य शासन से इसे स्वीकृति मिल गई है, लेकिन केंद्र सरकार ने इसका अनुमोदन नहीं किया है। भोपाल वनमंडल की इस नई कार्ययोजना में कहा गया है कि मानव द्वारा इमारती एवं जलाऊ लकड़ी की स्थानीय पूर्ति एवं व्यापारिक लाभ और अतिक्रमण करने के लिए अवैध कटाई कर वनों को क्षति पहुंचाई गई। उपजाऊ भूमि वाले क्षेत्रों में अतिक्रमण हुए हैं।

46 हजार में से छह हजार हेक्टेयर क्षेत्र अतिक्रमण से प्रभावित

कार्ययोजना में बताया गया कि भोपाल वनमंडल में वनखंडों की सीमाओं एवं मुनारों की दुर्दशा को देखते हुए समस्त वनखंडों का पुन: सीमांकन तथा सर्वेक्षण तत्काल कराया जाना आवश्यक है। कार्ययोजना में आंकड़ों के साथ बताया गया है कि भोपाल वनमंडल का कुल वन क्षेत्र 46 हजार 464.66 हेक्टेयर है, जिसमें से छह हजार 55.67 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिक्रमण है, जो कि कुल वन क्षेत्र का 13.03 प्रतिशत है। उल्लेखनीय है कि भोपाल वन मंडल के अंतर्गत 25 ग्राम आते हैं।

गांव से लगे वन क्षेत्रों को साफ कर बना दिए खेत

जलाऊ एवं इमारती लकड़ी की मांग एवं मूल्यवान इमारती लकड़ी की कटाई पर व्यापारिक लाभ कमाया गया। बढ़ती हुए जनसंख्या के लिए खेती की भूमि की कमी को पूरा करने विगत 20 वर्षों में काफी बड़े वनक्षेत्र को साफ कर खेती योग्य बना दिया गया। लगभग दो-तिहाई वन क्षेत्र अवैध कटाई से प्रभावित है और इसमें भी अधिकांश स्वयं के उपयोग के लिए ग्रामीणों द्वारा की जा रही निस्तारी कटाई प्रमुख है। वनों से आच्छादित वन क्षेत्रों में सभी जगह अवैध कटाई अधिक होती है।

सीसीएफ का सुझाव, अवैध कटाई रोकने के लिए कड़ी देखरेख और सुरक्षा की आवश्यकता

सीसीएफ प्रभात कुमार वर्मा ने बनाई गई अपनी कार्ययोजना में सुझाया है कि अवैध कटाई में कमी लाने की तत्काल आवश्यकता है। इसके लिए कड़ी देखरेख, सुरक्षा की आवश्यकता तो है ही, साथ ही परिसरों को और छोटा करने तथा परिसर रक्षक के मुख्यालय पर नाका बनाने की भी तत्काल आवश्यकता है। अवैध कटाई की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए अभी हाल ही में चौकी व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत वनरक्षक समूह में चौकी प्रभारी के नेतृत्व में भ्रमण करते हैं। चौकी पर वाहन भी गश्ती के लिए उपलब्ध कराया गया है। प्रारंभिक रूप में इस कार्यवाही के साकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। इस व्यवस्था को समस्त वनमंडल में विशेष रूप से अवैध कटाई से प्रभावित क्षेत्रों में लागू करना अत्यंत आवश्यक है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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