Bhopal health News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। एम्स भोपाल में मरीजों को आसानी से और सस्ती दवाएं मिल सकें, इसके लिए खुद की फार्मेसी खोलकर यहां से मरीजों को दवाएं बेची जाएंगी। साथ ही अमृत फार्मेसी में दवा के लिए लंबी कतार को कम करने के लिए काउंटर बढ़ाए जाएंगे। यह बात एम्स भोपाल के नए कार्यपालक निदेशक प्रो. (डा.) अजय सिंह ने 'नवदुनिया" से बातचीत में कही। शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अस्पताल का दौरा किया। डा. सिंह ने ओपीडी, अमृत फार्मेसी, लैब आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थी, फेकल्टी, नर्सिंग स्टाफ और सभी विभागाध्यक्षों से मुलाकात की। स्तनपान सप्ताह के तहत चल रहे जागरूकता अभियान में भाग लिया और इसके लिए एक रैली को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

बता दें कि डा. अजय सिंह लखनऊ में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में लंबे समय तक पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक्स के प्राध्यापक रहे हैं। अभी वह पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ चाइल्ड हेल्थ नोएडा में निदेशक के पद पर थे। डा. सरमन सिंह के सेवानिवृत होने के बाद नवंबर 2021 से एम्स भोपाल के निदेशक का प्रभार एम्स रायपुर के निदेशक डा. नितिन नागरकर संभाल रहे थे।

नए निदेशक के समक्ष यह हैं चुनौतियां

--- एम्स में फैकल्टी के 305 पदों में से 80 खाली हैं।

--- कुल 960 बिस्तर में से अभी 860 ही शुरू हो पाए हैं।

--- हर साल चार-पांच फैकल्टी छोड़कर जा रहे हैं।

--- एम्स में फेकल्टी के बीच गुटबाजी भी है।

डा. अजय सिंह से सीधी बात

सवाल-- एम्स में जगह-जगह लंबी कतार देखने को मिलती है। इसके लिए क्या करेंगे।

जवाब- यह सही है। मुझे भी कई जगह बड़ी कतार देखने को मिली। कहीं जगह कम है तो कहीं कर्मचारियों की कमी है। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाएंगे।

---ओपीडी में पंजीयन के लिए भी ज्यादा समय लगता है।

जवाब--- पंजीयन काउंटर बढ़ाए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो कुछ काउंटर नई जगह पर बनाएंगे, जिससे जल्दी पंजीयन हो सके।

--- दूसरी कौन से व्यवस्थाएं आपकी प्राथमिकता में हैं।

जवाब- मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा डाक्टरों को कहा है कि वह एप्रन में रहें।

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