Bhopal Health News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में हाल ही में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अब दो और बड़ी सुविधाएं और शुरू करने की तैयारी है। इसमें सबसे अहम है लेजर तकनीक से पेशाब की नली, गाल ब्लैडर आदि का इलाज। किडनी की कुछ बीमारियों का इलाज भी लेजर तकनीक से किया जा सकेगा। इसके अलावा लेप्रोस्कोपी मशीन से किडनी और प्रोस्टेट की सर्जरी की जा सकेगी। इसका फायदा यह होगा कि मरीज को सर्जरी में ज्यादा तकलीफ नहीं होगी। लेप्रोस्कोपिक तकनीक में दूरबीन से छोटे-छोटे छेद कर सर्जरी की जा सकेगी। अभी एम्स में भी इन दोनों तकनीकों से भी मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है। हमीदिया अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ जैन ने बताया कि दोनों मशीनें आ चुकी है। एक-दो महीने के भीतर यूनिट पूरी तरह से तैयार हो जाएगी।

प्राइवेट अस्पतालों में ही इन दोनों तरह की सर्जरी में 50 हजार रुपए से लेकर एक लाख तक खर्च होते हैं। बता दें कि हमीदिया अस्पताल में चार यूरोलॉजिस्ट हैं। इनमें दो को किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में लगा दिया गया है, लेकिन लेप्रोस्कोपी और लेजर से सर्जरी यह डॉक्टर भी करेंगे। इसका फायदा हमीदिया अस्पताल में आने वाले पूरे प्रदेश के मरीजों को मिलेगा। लेजर और लेप्रोस्कोपिक तकनीक से प्रोस्टेट कैंसर, बढ़े हुए प्रोस्टेट की सर्जरी, पेशाब नली में खराबी, किडनी के स्टोन निकालने समेत अन्य सर्जरी की जा सकेगी। पहले यह यूनिट मौजूदा ट्रामा एवं इमरजेंसी ब्लॉक में शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन अब एक महीने के भीतर 2000 बिस्तर का नया अस्पताल तैयार होने जा रहा है, इसलिए नई यूनिट अब नए भवन में ही बनाई जाएगी।

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local