भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)! गांधी मेडिकल कालेज में 30 से ज्यादा सहायक प्राध्यापकों की भर्ती 15 अगस्त के बाद शुरू होगी। हाल ही में सहायक प्राध्यापकों को पदोन्नत कर सह-प्राध्यापक बनाया गया है। इसके बाद सहायक प्राध्यापकों के पद रिक्त हुए हैं। कुछ पद पहले से खाली थे। इस तरह लगभग 30 पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आरक्षण रोस्टर तैयार किया जा रहा है। इन पदों के भरने से सबसे बड़ा फायदा मरीजों को होगा। डाक्टर बढ़ने से गांधी मेडिकल कालेज से संबद्ध हमीदिया अस्‍पताल में ओपीडी से लेकर वार्ड तक हर जगह इलाज में सुविधा हो जाएगी। जनरल सर्जरी, कान, नाक एवं गला विभाग और अन्य सर्जिकल विभागों में चिकित्सक बढ़ने से सर्जरी के लिए भी मरीजों की प्रतीक्षा कम होगी। इन पदों के भरने से पीजी और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें भी बढ़ सकेंगी। साथ ही मौजूदा सीटों की मान्यता पर भी खतरा नहीं आएगा। गांधी मेडिकल कालेज के डीन डा. अरविंद राय ने कहा कि तैयारी चल रही है। भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी ।

पीएमआर नया विभाग बनेगा

नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी ने इमरजेंसी मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर और फिजिकल मेडिसिन एवं रिहैबिलटेशन (पीएमआर) दो नए विभाग बनाने के लिए 2022-23 के सत्र से कहा था। गांधी मेडिकल कालेज से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में क्रिटिकल मेडिसिन विभाग तो बन गया है, लेकिन पीएमआर विभाग अभी तक नहीं बन पाया है। इस विभाग में प्राध्यापक, सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक के एक-एक पद होंगे। तीनों पदों पर सीधी भर्ती की जानी है, लेकिन इसमें सह प्राध्यापक और प्राध्यापक के पद भरना बड़ी चुनौती होगा । इसकी वजह यह कि पहले से यह विभाग सिर्फ एम्स में ही है। बता दें कि इस विभाग के खुलने से उन मरीजों को बड़ा फायदा हो जाएगा जिन्हें फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ती है। यहां पर अलग-अलग बीमारियों के लिए फिजियोथैरेपी कराई जाती। आगे चलकर इस विभाग में पीजी भी शुरू हो सकती है। इमरजेंसी मेडिसिन में सह प्राध्यापक का एक पद भरा जाना है।

Posted By: Ravindra Soni

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