भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई नए अस्पताल भवन में शिफ्ट होने के बाद नवजातों के इलाज को लेकर कई सुविधाएं बढ़ गई हैं। पहले एसएनसीयू में 30 बिस्तर थे, अब जो अब बढ़कर 50 हो गए हैं। इसके अलावा 15 बिस्तर का अलग से वार्ड बनाया गया है, जिसमें नवजातों को उनकी मां के साथ रखा जा सकेगा। यह वह बच्चे होंगे जो गंभीर नहीं हैं, लेकिन जिन्हें अस्पताल में रखने की जरूरत है।

नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई पिछले महीने तक कमला नेहरू अस्पताल के तीसरी मंजिल पर थी। इसमें सिर्फ 30 बिस्तर ही थे। कम बिस्तर होने की वजह से एक वार्मर में कई बार दो बच्चों को रखना पड़ता था। लेकिन पुरानी जगह में अतिरिक्त बिस्तर बढ़ाने के लिए जगह नहीं थी। पूरा शिशु रोग विभाग पिछले महीने हमीदिया अस्पताल के नए भवन के ब्लॉक बी में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही एसएनसीयू में बिस्तरों की संख्या 30 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है। हमीदिया अस्पताल के शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर ज्योत्सना श्रीवास्तव ने बताया कि 15 बिस्तर का मदर वार्ड बनाया गया है। इसका फायदा यह होगा कि नवजात कि मां भी बच्चे के साथ रह सकेगी। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए मां की काउंसलिंग की जाएगी। अच्छी तरह से हाथ धोकर और गाउन पहनने के बाद ही वह नवजात के पास रह सकेंगी। अभी सिर्फ मां को स्तनपान कराने के लिए ही नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में भेजा जाता है। मां के साथ रहने से नवजात की देखभाल भी अच्छे तरीके से हो जाएगी। हमीदिया की तरह जेपी अस्पताल में भी इसी तरह से मदर वार्ड बनाने की तैयारी है। जेपी अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मदद से यह वार्ड बनाया जाएगा।

Posted By: Ravindra Soni

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