Bhopal Health News : भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जेपी अस्पताल में हड्डी संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इन दिनों बहुत परेशानी हो रही है। इसकी वजह यह कि यहां पर हड्डी के छह डॉक्टरों में सिर्फ एक डॉक्टर केके देवपुजारी काम कर रहे हैं। जिस दिन उनकी सर्जरी में ड्यूटी रहती है उस दिन मरीजों को ओपीडी में इलाज ही नहीं मिल पाता। हड्डी रोग विशेषज्ञ की जगह ओपीडी में चिकित्सा अधिकारी को बैठा दिया जाता है। ऐसे में यहां पर आने वाले मरीजों को ओपीडी, वार्ड और आपरेशन हर जगह इंतजार करना पड़ रहा है।

दरअसल, जेपी अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ के छह पद हैं, इनमें अभी सिर्फ दो पदस्थ हैं। डॉ राम कुमार श्रीवास्तव बीमार होने की वजह से प्रदेश से बाहर हैं। ऐसे में सिर्फ डॉक्टर देवपुजारी बचे हैं। बता दें कि इस चिकित्सालय में हर दिन ओपीडी में हड्डी के 50 से 60 मरीज आते हैं। एक मरीज को 5 से 10 मिनट देना होता है। ऐसे में एक डॉक्टर के लिए सभी मरीजों का ठीक से इलाज कर पाना बड़ी चुनौती हो गया है।

करीब पांच साल पहले यहां पर हड्डी के 8 डॉक्टर थे, जबकि पद सिर्फ 6 ही है। पद से ज्यादा होने की वजह से 2 को दूसरे जगह स्थानांतरित कर दिया गया। एक ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली और बाकी रिटायर हो गए। अब सिर्फ दो बचे हैं। दूसरी दिक्कत यह भी आती है कि राजधानी का जिला अस्पताल होने की वजह से हड्डी के एक डॉक्टर को कभी वीआईपी ड्यूटी तो कभी किसी बड़े शिविर में भेज दिया जाता है। इसके अलावा न्यायालय में हर महीने दो से तीन पेशी भी होती हैं। इस तरह मरीजों की फजीहत हो रही है। यही स्थिति यहां पर 15 दिन पहले नाक, कान और गला विभाग में आई थी। विभाग के सभी डॉक्टरों के अवकाश पर होने की वजह से चिकित्सा अधिकारी ओपीडी संभाल रहे थे। ऑपरेशन बंद थे। जेपी अस्पताल में प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों के मुकाबले ज्यादा ओपीडी रहती। हर दिन 1500 से 1800 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके बाद भी यह हाल है।

Posted By: Lalit Katariya

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