भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भोपाल में ईदगाह हिल्स में बनाए जा रहे क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान में फेफड़ा ट्रांसप्लांट करने और कृत्रिम फेफड़े की तरह काम करने वाली एक्मो मशीन की सुविधा भी होगी। संस्थान के लिए 12 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे जाएंगे, इसमें सवा करोड़ रुपये की इंट्रा ब्रांकियल अल्ट्रासाउंड मशीन भी शामिल है। इस मशीन से सांस नली के आसपास के ट्यूमर का पता लगाया जाता है। एम्स भोपाल समेत प्रदेश के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में अभी यह मशीन नहीं है। संस्थान को बनाने का काम अक्टूबर में शुरू होगा। काम पूरा करने की समयसीमा दो साल रखी गई है।

हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. लोकेन्द्र दवे ने बताया कि भवन की लागत 42 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि मौजूदा चिकित्सकों के अलावा संस्थान में 45 डॉक्टर और होंगे। इसमें छह श्वास रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के पद भी शामिल हैं। भवन बनाने की राशि भारत सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय से मिली है। इनकी नियुक्ति का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।

क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान में यह होंगी सुविधाएं

-- आइसीयू और सामान्य मिलाकर कुल 300 बिस्तर

- सीटी स्कैन और एमआरआइ जांच की सुविधा

--अत्याधुनिक सुविधाओं वाली लैब

- नींद व खर्राटे की जांच के लिए स्लीप लैब

-- पल्मोनरी मेडिसिन में पीजी सीटें बढ़ सकेंगी।

-रिसर्च बढ़ेंगे।

-- फेफड़े की जटिल सर्जरी हो सकेंगी। अभी कुछ सर्जरी हमदिया अस्पताल के कार्डियो थोरेसिक सर्जरी विभाग में की जा रही हैं।

84 करोड़ से बनेगा आर्थोपेडिक्स का उत्कृष्टता संस्थान

क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान से ही जुड़ा आर्थोपेडिक्स का उत्कृष्टता संस्थान बनाया जाएगा। यह संस्थान भी भारत सरकार के सहयोग से बनाया जा रहा है। इसमें 40 करोड़ रुपये भवन के निर्माण कार्य और बाकी राशि उपरकरणों पर खर्च की जाएगी। पहले यह भवन हमीदिया अस्पताल परिसर में मल्टी लेवल पार्किंग के ऊपर बनाने की तैयारी थी, लेकिन अब ईदगाह हिल्स में मौजूदा टीबी अस्पताल परिसर में ही बनाने का निर्णय लिया गया है। दोनों संस्थानों का निर्माण प्राजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट (पीआइयू) कर रही है। पीआइयू के अफसरों ने बताया कि मौजूदा टीबी अस्पताल के तीन तरफ अंग्रेजी के यू के आकार में दोनों संस्थान बनाए जाएंगे। जांच की सुविधाएं दोनों संस्थानों के बीच में होगी जहां सभी मरीजों की जांचें हो सकेंगी। यह प्रदेश में हड्डी की बीमारी का सर्वश्रेष्ठ संस्थान होगा। यहां पर रोबोटिक सर्जरी, स्पोर्ट एंजुरी का इलाज,स्पाइन की सर्जरी,कूल्हा और घुटना ट्रांसप्लांट करने की सुविधा रहेगी। इस संस्थान के निर्माण कार्य की समय सीमा भी दो साल रखी गई है। यहां पर हमीदिया अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के चिकित्सकों के अलावा अलग से पद सृजित किए जाएंगे।

क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान और आर्थोपेडिक्स का उत्कृष्टता संस्थान दोनों बड़ी सुविधाएं हैं। यहां पर बड़ी सर्जरी की जाएंगी। गंभीर बीमारियों का इलाज होगा। मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना होगा। जल्द ही संस्थान को बनाने का काम शुरू होगा। यहां अत्याधुनिक उपकरण और जांच की सुविधाएं होंगी।

- विश्वास सारंग, मंत्री, चिकित्सा शिक्षा

Posted By: Ravindra Soni

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