Bhopal Health News:भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। रोबोटिक सर्जरी घुटना बदलने (रिप्लेसमेंट) के मामले में क्रांतिकारी बदलाव है। इस सर्जरी में बदला हुआ घुटना सामान्य सर्जरी के मुकाबले पांच साल ज्यादा यानी करीब 20 साल तक चल जाता है। इसमेें मरीज के घ्ाुटने का स्वरूप, आकार और एंगल ठीक उसी तरह से हो जाता है जैसा के 25 से 45 साल की उम्र में रहता है। इससे वह व्यक्ति सभी सामान्य काम कर सकता है। यह बात 'नवदुनिया" से बातचीत में बड़ोदरा के हड्डी रोग विशेष्ाज्ञ और रोबोटिक सर्जन डॉ. ब्रजेश शाह ने कही। वह भोेपाल में शनिवार से चल रही इंडियन आर्थोपेडिक एसोसिएशन मप्र चैप्टर द्वारा आयोजित हड्डी रोग विशेषज्ञों की कार्यशाला में भाग लेने के लिए आए थे।

उन्होंने कहा कंप्यूटर से पूरा प्र्रोग्राम बना दिया जाता है। इसी के अनुरूप रोबोट काम करता है। इसमें सामान्य सर्जरी के मुकाबले दो इंच चीरा कम लगता है। उन्होंने बताया कि सामान्य सर्जरी में पैर का टेढ़ापन दो से तीन डिग्री तक रहता है, जबकि रोबोटिक सर्जरी में 0.5 डिग्री से कम रहता है। सामान्य सर्जरी के मुकाबले खर्च भी सिर्फ 30 हजार रुपये ज्यादा है। कार्यशाला में नागपुर के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएम चांडक ने बताया कि हड्डी में संक्रमण होने से जुड़ने में दिक्कत होती है। इसके लिए एंटीबायोटिक दवा के लेप वाली राड लगानी चाहिए। मुंबई के डॉ. डीडी तन्न्ा ने बताया कि सिंगरेट पीने वाले और डायबिटीज के मरीजों की हड्डी जुड़ने में दिक्कत (नॉन यूनियन) आती है। इनकी सर्जरी बहुत नियोजित तरीके से करनी चाहिए। आयोजन समिति (वैज्ञानिक)के अध्यक्ष डॉ.आशीष गोहिया ने बताया कि कार्यशाला में सौ से ज्यादा शोध पत्र पढ़े गए। 500 प्रतिभागियों ने भाग लिया। हमीदिया अस्पताल में हड्डी विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. सुरश उइके ने भी शोध पत्र के जरिए प्रतिभागियों को इलाज की नई तकनीकों के बारे में बताया।

हड्डी को बढ़ाकर भरी जा सकती है खाली जगह

अकोला महाराष्ट्र डॉ. मिलिंद चौधरी ने बताया कि किसी बीमारी, फ्रैक्चर आदि कारण दो हड्डियों के बीच अंतराल आ जाता है। हड्डियों की लंबाई बढ़ाकर इस अंतराल को भरा जा सकता है। उन्होंने बताया कि हड्डी को बढ़ाने के लिए ऊपरी हिस्से में हेयर फ्रैक्चर बनाकर हड्डी को नीचे की तरफ अंतराल को भरने के लिए खिसकाते हैं। हेयर फ्रैक्चर के ऊपर वाली हड्डी भी अपने बढ़कर खाली हेयर फ्रैक्चर वाली जगह को भरती है। पैर की हड्डियों में अंतराल खत्म करने के लिए इस तकनीक का ज्यादा उपयोग होता है।

Posted By: Lalit Katariya

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