भोपाल। राजधानी में 10 साल की बच्ची की हत्या और दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाले आरोपित विष्णु प्रसाद को कोर्ट ने एक दिन के लिए जेल भेज दिया है। बुधवार को पुलिस इस मामले में कोर्ट में चालान पेश करेगी। इस दौरान आरोपी को भी पेश करना पड़ेगा। ऐसे में बुधवार को कोर्ट आरोपी की न्यायिक हिरासत को लेकर नया फैसला दे सकती है। इससे पहले आज दोपहर भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच आरोपित को कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान बाहर लोगों की भीड़ जमा थी। इस घटना के सामने आने के बाद से ही लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। लोग आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर भाजपा ने भी अपना पोस्टकार्ड अभियान शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अगुवाई में आज भोपाल में चीफ जस्टिस के नाम पोस्टकार्ड भेजा गया।

इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, "ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बने और दुष्कर्मी फांसी के फंदे पर लटका दिए जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चुनौती देते हुए कहा कि, अगर प्रदेश में बेटियों का इस तरह का अपमान होता रहा तो हम सड़कों पर उनकी लड़ाई लड़ेंगे। सरकार को किसी भी सूरत में चैन से नहीं बैठने देंगे।"

आरोपी ने ऐसे दिया था घटना को अंजाम

आरोपित ने पूरी तरह सोच-समझकर घटना को अंजाम दिया। मासूम बच्ची के दुकान से गुटखा लेकर लौटने ही वह उसे मुंह दबाकर झुग्गी के अंदर ले गया। जहां उसने इतनी बेदर्दी से उसका मुंह दबा दिया कि बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद आरोपित ने बच्ची के शव के हाथ बांध दिए और फिर दुष्कर्म किया।

हैवानियत के बाद वह झुग्गी का दरवाजा खोलकर बाहर ही बैठा रहा, ताकि किसी को शक न हो। इस घटनाक्रम का खुलासा आरोपित ने पुलिस के सामने किया। आरोपित विष्णु उर्फ बबलू को पुलिस ने सोमवार सुबह खंडवा जिले के मोरटक्का स्थित बस स्टैंड से गिरफ्तार किया था।

48 घंटे में चालान पेश करने की तैयारी

भोपाल में बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की घटना को लेकर राज्य शासन ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधायक पद की शपथ लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा में भोपाल की घटना में पीड़ित परिवार के लिए इस राशि का एलान किया। दूसरी तरफ जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने विधानसभा में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि उज्जैन की घटना के पीड़ित परिवार को भी इतनी ही आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि 48 घंटे में प्रकरण में चालान पेश कर दिया जाए। साथ ही यह कोशिश की जाए कि आरोपितों को 30 दिन के भीतर अदालत से अपराध की सजा भी हो जाए।

पीसी शर्मा ने कहा कि बढ़ते अपराधों पर भाजपा को कांग्रेस सरकार के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके शासनकाल में इसी शहर में कोचिंग से पढ़कर लौट रही बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। तब सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी, जबकि कमलनाथ सरकार ने इस घटना में लापरवाही बरतने वाले सात पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि जिन मामलों में अदालत से सजा हो गई है, लेकिन सजा पर अमल नहीं हुआ है, उनका परीक्षण किया जाएगा।

Posted By: Prashant Pandey