भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी के टीटीनगर इलाके से एक महिला के 16 दिन के जुड़वां बच्चेे चार दिन पहले गायब हो गए थे। मंगलवार को पुलिस ने इन बच्‍चों के शव हबीबगंज इलाके से बरामद कर लिए है। महिला ने ही अपने दोनों बच्‍चों की हत्‍या की थी। हालांकि उसने बच्‍चों के शव की बरामदगी के बाद पहले-पहल पुलिस से यही कहा कि बच्‍चों की हत्‍या उसके पति ने की है, क्‍योंकि आर्थिक तंगी के चलते बच्‍चों का पालन-पोषण करने में असमर्थ थे। लेकिन जब पुलिस ने सख्‍ती से पूछताछ की तो महिला ने अपना अपराध कुबूल कर लिया। महिला ने बताया कि उसका पति पेशे से मजदूर है। छह माह पहले एक्‍सीडेंट होने के बाद से वह बेरोजगार है। उनकी एक तीन साल की बेटी भी है। जब जुड़वां बच्‍चे पैदा हुए तो महिला इनके पालन-पोषण की चिंता में लगातार घुलने लगी। ससुराल वाले भी उसे ताने मारते थे। इससे परेशान होकर वह अपनी ही मासूम जुड़वां संतानों की हत्‍या कर बैठी। महिला ने बताया कि उसने बच्‍चों का गला घोंटकर शव झाड़ियों में फेंक दिए।

गौरतलब है कि पुलिस चार दिनों से सीसीटीवी और नालों की जांच कर रही थी। इधर, महिला के बैरसिया से वापस आने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से उसे प्रसव के कम दिनों को देखते हुए घर पर आराम की सलाह दी गई। इस कारण पुलिस सोमवार तक उससे पूछताछ नहीं कर पाई थी। मंगलवार को पुलिस ने महिला के घर पहुंचकर एक बार फिर उससे पूछताछ शुरू की और उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाए, जिसमें महिला अकेली थी और बच्‍चे नहीं थे। इसके बाद पूछताछ में महिला टूट गई और उसने हबीबगंज इलाके में रविशंकर नगर पहुंचकर वो जगह दिखाई, जहां बच्‍चों को फेंका गया था।

बता दें कि 27 वर्षीय सपना धाकड़ बीते शुक्रवार सुबह कोलार रेस्ट हाउस बस्ती इलाके से दोनों नवजात शिशुओं को लेकर निकली थी। तब महिला ने बताया था कि टीटी नगर के फुटपाथ से दोनों बच्चे लापता हो गए। पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई थी कि मां कोलार रेस्ट हाउस से बच्चे लेकर निकली थी, लेकिन हबीबगंज पुलिस स्टेशन के पास जब सिटी बस में सवार हुई तो बच्चे उसकी गोद में नहीं थे। बीसीएलएल की बस का वीडियो दिखाने के बाद पीड़िता सपना धाकड़ की हालत बिगड़ने लगी। बाद में उसे जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डाक्टरों ने सलाह दी कि उसके प्रसव को अभी 20 दिन भी नहीं हुए हैं । ऐसे में उसे कमजोरी है, कुछ दिन आराम कराया जाए। इस पर महिला का पति उसे लेकर घर चला गया।

महिला ने पुलिस को पहले बताया घटनाक्रम :

अपने 16 दिन के जुड़वा बच्चों के साथ सुबह करीब 4.30 बजे घर से निकली। करीब 10 मिनट बाद कोलार गेस्ट हाउस तिराहे पर पहुंची। जहां से वह मैनिट तिराहे की ओर चली गई। जहां से माता मंदिर चौराहे की ओर जाने लगी और रोशनपुरा चौराहे से होते हुए रंग महल टाकीज चौराहे पर पहुंची।सुबह 6.15 बजे से 6.45 बजे के बीच जब वह अपने बच्चों को फुटपाथ पर छोड़कर शौचालय चली गई, वापस आने पर बच्चे गायब हो गए। इसके बाद उसने अपने पति को फोन कर मामले की सूचना पुलिस को दी।

महिला के बयान के बाद पुलिस जांच में सामने आया

महिला अपने जुड़वां बच्चों को लेकर करीब साढ़े चार बजे घर से निकली। करीब 10 मिनट बाद वह कोलार गेस्ट हाउस के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। वह दोनों बच्चों को एक हाथ और एक छतरी में पकड़े हुए थी।इसके बाद वह एकांत पार्क के पास से गुजरी और हबीबगंज थाने के पास बच्चों के साथ कैमरे में कैद हुई थी। उसे ओल्ड हबीबगंज पुलिस स्टेशन की इमारत के पास लगे एक कैमरे में कैद किया गया था, जहां से सुबह 6 बजे से पहले नवजात के कपड़े को फेंकते हुए देखा गया था। सुबह करीब छह बजे उसे हबीबगंज इलाके में अरेरा पेट्रोल पंप के पास एक दुकान के पास बैठा देखा गया, लेकिन बच्चे गायब थे। एक महिला से बात करते हुए भी देखा गया। बाद में वह सुभाष स्कूल की ओर चल पड़ी और टीटी नगर के लिए एक लो-फ्लोर बस में सवार हो गई। वह बस में लगे सीसीटीवी कैमरे में बिना बच्चों के कैद हो गई। वह रंग महल चौक पर सुबह करीब साढ़े सात बजे बस से उतरी। फिर उसने अपने पति को फोन किया और सुबह करीब साढ़े आठ बजे उसके साथ टीटी नगर पुलिस से संपर्क किया।

Posted By: Ravindra Soni

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