Bhopal news: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। इंजीनियरिंग का बेजोड़ उदाहरण राजधानी में मंगलवार को सामने आया है। कोलार के ललिता नगर में करीब 600 वर्गफीट के मकान को इस हाईड्रोलिक तरीके के जरिए 15 दिन में चार फीट ऊंचा उठाया जाएगा। दरअसल, ललिता नगर निवासी उदय पांद्रे ने बताया कि उनका घर 2005 में बना था। नाले के नजदीक होने के कारण हर साल बारिश में उनके घर में चार से पांच फीट तक पानी भर जाता था। इस समस्या से निजात पाने के लिए वे नगर निगम सहित अन्य सभी इंजीनियरों से मिले लेकिन किसी ने कोई कारगर युक्ति बताने की वजाए नीचे के फ्लोर को पार्किंग में तब्दील करने की ही सलाह दी। वहीं एक अतिरिक्त फ्लोर बनाकर ऊपर शिफ्ट होने जाने की सलाह दी।

इस बीच उन्होंने यू ट्यूब पर एक वीडियो देखा तो उन्हें पता चला कि बिना किसी नुकसान के घर को ऊपर उठाने का भी तरीका है। उन्होंने लिंक पर दिए गए नंबर पर बातचीत की और फिर शुरू हुआ सिलसिला बातचीत और गारंटी का। उन्होंने बताया कि हरियाणा की श्री मारकंडेश्वर बिल्डिंग लिफ्ट एंड को कंपनी द्वारा यह काम किया जा रहा है। इसमें अच्छी बात यह है कि अगर किसी भी कारण से मकान में कोई छति होती है तो पूरा मकान बनाकर देने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी ने अपने ऊपर लिया है।

ऐसे मकान हो सकते हैं लिफ्ट

अगर मकान का नीचे का लैंटर मजबूत हो और दीवारें दो ईंट की चौड़ाई की हों तो चार-पांच मंजिला मकान भी अधिकतम पांच-छह फीट तक शिफ्ट व लिफ्ट किया जा सकता है। खुले में बने मकान को लिफ्ट करने में आसानी होती है, खर्च कम आता है। अगर मकान को अपने स्थान से खिसकाकर अन्य जगह शिफ्ट किया जाएगा तो खर्च बहुत आता है

4 फीट तक मकान लिफ्ट करने में महज 250 रुपये वर्गफीट का है खर्चा

उदय पांद्रे ने बताया कि उनका 600 वर्गफीट मकान उठाने में महज 250 रुपये वर्गफीट का खर्चा आएगा। इस तरह उन्हें महज दो से ढाई लाख रुपये ही खर्चा आएगा। जबकि नया फ्लोर बनाने के लिए करीब नौ लाख रुपये खर्च होने थे। बने मकान को जैक लगाकर उठाने में कुल खर्च का बमुश्किल 30 फीसदी ही खर्च होता है। इतना ही नहीं समय की बचत भी होती है। यह काम 15 से 20 दिन में ही पूरा कर लिया जाता है। करीब एक मंजिला तक मकान ऊपर उठाया जा सकता है। कंपनी के संचालक ने बताया कि इस काम में सावधानी जरूरी है क्योकि कोई भी जैक कम या ज्यादा उठेगा तो बैलेंस बिगड़ जाएगा। लिहाजा हर मिनट पर आवाज देकर सभी कोने व बीच में काम करने वाले मजदूरों को चेताया जाता है।

ऐसे लिफ्ट किया जा रहा है मकान

- सबसे पहले मकान के अंदर के फर्श को खोदा और नींवों को साइड से उखाड़कर दासे की पटिया के नीचे लोहे के एंगल फंसाए।

- समूचे एंगलों को वेल्डिंग करके एक समान बेस तैयार किया और उसके नीचे जैक लगाए। कुल 200 जैक 600 वर्गफीट के मकान में लगाकर उसे उठाना शुरू किया गया।

- जैक को लीवर से चलाने के लिए दक्ष मजदूर लगे हैं जो हेड मिस्त्री की कमांड मिलने के बाद एक साथ सभी जेक को आधा-आधा इंच ऊपर उठाते हैं।

- जब 200 जैक आधा इंच ऊपर आ जाते हैं तब दोबारा से फिर एक-एक करके सभी जैक लीवर के सहारे आधा इंच उठाए जाते हैं। इस तरह 15 से 20 दिन में काम पूरा कर लिया जाता है।

Posted By: Lalit Katariya

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