भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सीपीए को बंद करने की घोषणा के बाद अब इस दिशा में कवायद शुरू हो गई है। सीपीए के पार्क का काम अब नगर निगम भोपाल को सौंपा जाएगा। वहीं सड़क और बिल्डिंग पीडब्ल्यूडी हो हस्तांतरित की जाएगी। सीपीए को बंद कर यहां के 1000 से अधिक कर्मचारियों को अन्य विभागों में मर्ज किया जाएगा। वहीं सीपीए में एक अधीक्षण यंत्री, चार एग्ज्युक्टिव इंजीनियर, 20 एसडीओ, 50 सब इंजीनियर व 250 कर्मचारियों समेत 325 लोगों का स्टाफ है, जो अन्य विभागों से प्रतिनियुक्ति पर यहां आए है। इन सभी को मूल विभाग में भेजा जाएगा। इतना ही नहीं, सीपीए के इंजीनियरों को पीडब्ल्यूडी भेजा जाएगा। वहीं वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के लिए एक विकल्प दिया जा रहा है कि नगर निगम में एक सेल बनाकर इन्हें यहां रखा जा सकता है। यह निर्णय शुक्रवार को मंत्रालय में हुई बैठक में लिया गया है। इस बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नीरज मंडलोई, नगरीय आवास एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित अन्य अफसर मौजूद थे। बैठक में विचार विमर्श किया गया कि जिन निर्माण कार्यों के ठेके हो चुके है, उन्हें कैसे हस्तांतरित किया जाएगा। इसके आधार पर प्रस्ताव बनाकर कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस पर अंतिम निर्णय होगा। बता दें कि सीपीए की 500 करोड़ की देनदारी, बजट महज 300 करोड़, दो साल से कामों के भुगतान नहीं हुए है।

- शहर के 132 एकड़ में फैले सात पार्क जिनमें एकांत, प्रियदर्शनी, मयूर, चिनार, प्रकाश तरण पुष्कर सहित अन्य पार्क शामिल है। इन सभी का काम अब नगर निगम देखेगा।

- सीपीए हाल ही में कलियासोत नदी पर छह करोड़ रुपये की लागत से ब्रिज का निर्माण कर रहा है। इसके अलावा जेके रोड सहित 25 अन्य प्रोजेक्ट ऐसे है जो वर्तमान में चल रहे है। इसके अलावा 92 किमी की 52 सड़के हैं। सड़कों के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट अब भी सीपीए के पास है। इन सभी का काम लोक निर्माण विभाग को सौंपा जाएगा।

- भारत भवन, शौर्य स्मारक, ट्राइबल म्यूजियम, मानव संग्रहालय, टीटी नगर स्टेडियम, सतपुड़ा, विध्याचंल की इमारते भी सीपीए ने ही बनाई है। जो कि पहले से ही संबंधित विभागों को सौंप दी गई है।

Posted By: Ravindra Soni

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