भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। एम्स के शिशु सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक जटिल सर्जरी कर दो दिन के बच्चे की जिंदगी बचाई है। जन्म के साथ ही उसकी आहार नली श्वास नली से जुड़ी हुई थी। इसे ट्रेकियो एसोफेजियल फिस्टुला के साथ एसोफेजियल एट्रेसिया कहा जाता है। इस विकृति के कारण दूध आहार नली से श्वास नली में पहुंच रहा था। ऐसे में उसके फेफड़े खराब होने का डर था। चिकित्सकों ने पहले तो लेजर गन से उसकी आहार नली को अलग किया। इसके बाद नई आहार नली बनाई। बच्चे की सर्जरी के तीन सप्ताह हो चुके हैं। बच्चा अब पूरी तरह से स्वस्थ है। एम्स के डाक्टरों का दावा है कि यह मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की पहली सर्जरी है, जिसमें दूरबीन के जरिए दो दिन के बच्चे की सर्जरी की गई है।

सर्जरी करने वाले डाक्टरों ने बताया यह बच्चा विदिशा जिला अस्पताल से रेफर होकर आया था। थौरैकोस्कोपी से उसकी सर्जरी की गई। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे को दूध पिलाने पर वह तुरंत उल्टी कर देता था। इस दिक्कत के चलते स्वजन उसे लेकर विदिशा जिला अस्पताल पहुंचे थे।जहां से उसे एम्स भेजा गया। छह डाक्टरों की टीम ने करीब पांच घटे की सर्जरी में पहले तो आहार नली को अलग किया । इसके बाद नई आहार नली बनाई। चिकित्सकों के मुताबिक यह जन्मजात विकृति है जिसमें आहार नली और श्वास नली जुड़ जाती हैं। करीब तीन हजार जन्म पर एक बच्चा इस समस्या से पीड़ित मिलता है। समय पर इलाज नहीं कराने पर खाना आहार नली से श्वास नली में पहुंचकर फेफड़े में संक्रमण पैदा करता है जो जानलेवा हो सकता है। सर्जरी करने वाली टीम में डा.प्रमोद शर्मा, डा. रोशन चंचलानी, डा. सुरेश केटी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ प्रो. वैशाली, डा. पूजा और डा. हरीश शामिल थे। एम्स के निदेशक डा. अजय सिंह ने इस सर्जरी के लिए डाक्टरों की तारीफ की है।

इलाज की नई तकनीक और शोध के लिए मिलकर काम करेंगे एम्स और चिकित्सा शिक्षा विभाग

एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डा.) अजय सिंह ने गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान इस बात पर सहमति बनी है कि एम्स और चिकित्सा शिक्षा विभाग मरीजों के इलाज की नई तकनीक, शोध और चिकित्सकीय ज्ञान को साझा करने के लिए मिलकर काम करेंगे। डा. अजय सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी से भी मुलाकात की । इस दौरान उन्होंने एम्स में सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार से सहयोग की अपेक्षा की। मंत्री ने कहा कि हमेशा से ही एम्स का पूरी मदद की जाती रही है। आगे भी किसी तरह की मदद की जरूरत होती है वह तैयार हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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