Bhopal News: भोपाल (नवदुनिया रिपोर्टर)। राजधानी भोपाल में स्‍थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौधौगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल की राजभाषा कार्यान्वयन समित द्वारा हिंदी सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में बुधवार को ऑनलाइन अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सोलर मैन ऑफ इंडिया के नाम से विख्यात आइआइटी मुंबई के प्राध्यापक प्रो. चेतन सिंह सोलंकी छात्रों के मार्गदर्शन हेतु उपस्थित रहे।

अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि आज विश्व में काल बन कर बैठी जलवायु परिवर्तन की समस्या का हल हम अपनी पुरातन संस्कृति से निकाल सकते हैं। आज मनुष्य अत्यंत आधुनिक एवं बहुत शक्तिशाली बन गया है। प्रकृति के संदर्भ में बात करते हुए उन्होंने आम लोगों की जीवन शैली पर सवाल खड़े करते हुए बताया कि हमारे जीवन में सबसे जरूरी चीज है सांस लेना, लेकिन हम कभी वातावरण की फिक्र नहीं करते। हम भूल गए हैं कि बिना प्रकृति के हमारे जीवन का अस्तित्व नहीं है। जिस प्रकार हम विनाश करते जा रहें हैं, हमें इसका फल भुगतना ही होगा। हमें आध्यात्मिक, नैतिक एवं शैक्षणिक तीनों प्रकार के विकास में समन्वय बैठाना होगा। जिस प्रकार हमें अपने पूरे शरीर का विकास करना पड़ता है। ठीक उसी प्रकार सिर्फ तकनीकी विकास से खुशहाली नहीं बढ़ेगी, हमें तकनीकी के साथ-साथ आध्यात्मिक विकास भी साथ में ले कर चलना होगा। पूरे विश्व के देश विकास की एक अंधी दौड़ में लगे हुए हैं एवं कार्बन उत्सर्जन में सभी का बराबर योगदान है। अब समय है कि हम कोयला, पेट्रोल और डीजल का उपयोग बंद करें तथा सौर ऊर्जा को अपने जीवन का आधार बनाएं। हमारी भारतीय संस्कृति में हम हमेशा से सूर्य देवता की पूजा करते आये हैं, अब समय है कि हम अपनी पुरातन संस्कृति को पुन: अपना कर सर्वांगीण विकास की ओर बढ़ें। प्रो.चेतन सिंह सोलंकी ने श्रोताओं की जिज्ञासा के निवारण हेतु कुछ प्रश्नों के उत्तर भी दिए।

Posted By: Ravindra Soni

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