Bhopal News :भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में ठंड बढ़ने के साथ ही हवा का फैलाव कम होने से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। चिंताजनक बात यह है कि धूल के कण, कचरे के चलने से हवा में फैलने वाले कणों के कारण पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों का स्तर तो बढ़ ही रहा है। इसके साथ ही हानिकारक और जहरीली मानी जाने वाली कार्बन मोनो आक्साइड का स्तर भी हवा में बढ़ रहा है। इस गैस का स्तर सुबह 6 से 12 बजे तक सर्वाधिक होता है और उसके बाद यह कम होने लगता है। इसका दुष्प्रभाव सबसे ज्यादा सुबह के समय टहलने वालों और दो पहिया वाहन चलाने वालों पर पड़ सकता है।

इसके पूर्व नवंबर माह में 15 नवंबर को भी वातावरण में कार्बन मोनो आक्साइड का आैसत स्तर 43 और उच्चतम स्तर 127 था। दीपावली के अगले दिन 25 अक्टूबर को औसत स्तर 16 और उच्चतम स्तर 105 था।

पिछले एक सप्ताह में कार्बन मोनो आक्साइड का स्तर

दिनांक औसत स्तर अधिकतम स्तर

01 दिसंबर 57 95

30 नवंबर 20 133

29 नवंबर 41 136

28 नवंबर 40 133

27 नवंबर 35 134

26 नवंबर 42 116

गंभीर रूप से कर सकती है बीमार :

कार्बन मोनो आक्साइड एक रंगहीन और गंधहीन गैस है। यह कार्बन डाय आक्साइड से ज्यादा खतरनाक होती है और प्रदूषित स्थल पर रहने के कारण मानव शरीर में पहुंचकर गंभीर रूप से बीमार कर सकती है। जिस जगह इस गैस का स्तर काफी अधिक हो, वहां ज्यादा देर तक रुकने के कारण मौत तक हो सकती है।

इस कारण बढ़ रहा प्रदूषण :

ठंड के दिनों में लोग चार पहिया वाहन का ज्यादा उपयोग करते हैं। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग ठंड से बचने के लिए रात को कचरा जलाते हैं। यह भी प्रदूषण का मुख्य कारण है। शादियों में जलने वाले पटाखे और सिंगल यूज प्लास्टिक को जलाने से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। इनमें से कई कारण गर्मियों में भी होते हैं, लेकिन ठंड में हवा के शुष्क होने और हवा का फैलाव कम होने के कारण एक ही क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।

- विजय अहिरवार,

पूर्व संचालक, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

Posted By: Lalit Katariya

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