Bhopal News : भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी में आवासहीनों को मकान देने के लिए नगर निगम एक दर्जन से अधिक आवासीय परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें राहुल नगर फेस दो, कोकता और मालीखेड़ी समेत अन्य स्थानों पर लोगों को मकान भी आवंटित कर दिए गए हैं। लेकिन यहां मकान खरीदने के बाद लोग पछता रहे हैं। इसका कारण इमारत के निर्माण में गुणवत्ता की कमी है। जिससे दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है, एक वर्ष के अंदर ही इनमें दरारें आ गई हैं। हर माह मेंटेनेंस शुल्क देने के बाद भी रहवासियों को लिफ्ट, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

बता दें कि कोकता आवासीय परियोजना के तहत स्लम और नाल स्लम के लिए 2880 मकान बनाए गए हैं। इनमें एलआइजी के 432 और एमआइजी के 432 फ्लैट बनाए गए हैं। जबकि 2016 फ्लैट वन बीएचके हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और हाउसिंग फार आल के तहत हितग्राहियों को आवंटित किया गया है। रहवासियों का आरोप है कि प्रति परिवार 700 रुपये महीना मेंटेनेंस चार्ज जमा करते हैं। यह पैसा नगर निगम के खाते में जमा होता है। इस पैसे में जलापूर्ति शुल्क, ठोस अपशिष्ठ प्रभार, लिफ्ट मेंटेनेंस और कैंपस का बिजली बिल, सुरक्षा के लिए गार्ड और इमारतों का संधारण समेत अन्य शुल्क शामिल हैं। लेकिन पूरा पैसा जमा करने के बाद भी आवंटियों को आधी-अधूरी सुविधाएं मिल रही है। यही हाल राहुल नगर फेस दो और मालीखेड़ी में घर खरीदने वाले रहवासियों का है।

बिजली गुल होने पर लिफ्ट के लिए जनरेटर नहीं

राहुल नगर फेस दो में बनाई गई बहुमजिला इमारतों में रहवासियों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाई गई है। लेकिन यहां बिजली गुल होने पर वैकल्पिक जनरेटर की व्यवस्था नहीं होने से कई बार यात्री इसमें फंस जाते हैं। यहां गार्ड भी नहीं रहता है। जिससे लिफ्ट के अंदर ही रहवासी परेशान होते रहते हैं। वहीं साफ-सफाई नहीं होने से परिसर में कचरे का ढेर लगा रहता है। सीवेज की पाइप लाइनें टूटने से लोगों के घरों में गंदा पानी टपकता है। बतादें कि यहां एलआइजी फ्लैट की कीमत 11 लाख और एमआईजी की 22 लाख रुपये वसूल की गई है। वहीं हर महीने 700 रुपये मेंटेनेंस शुल्क वसूला जा रहा है।

नगर निगम की आवासीय परियोजनाओं में अन्य समस्याएं

साफ-सफाई नहीं होने से परिसर में कचरे का ढेर लगा रहता है। राहुल नगर में पार्क और कम्युनिटी हाल नहीं बनाया गया। कोकता में पार्क और कम्यूनिटी हाल होने के बाद भी बदहाल है। सुरक्षा गार्डों की कमी होने से चोरी की घटनाएं बढ़ रही है। परिसर में स्ट्रीट लाइट के लिए खंबे लगे, लेकिन लाइट नहीं लगाई गई।

कोकता में लिफ्ट लगने के बाद शुरु नहीं की गई है।

इनका कहना

मेरे दोनों पैर काम नहीं करते हैं। रोजगार का साधन नहीं होने के बावजूद मेंटेनेंस जमा करते हैं। लेकिन लिफ्ट और अन्य सुविधाएं नहीं मिलने से परेशान होना पड़ रहा है।

- मुन्ने खां, कोकता ट्रासंपोर्ट नगर

हम किराए के घर में रहे रहे हैं। बीते छह महीने से एडवांस में मेंटेनेंस शुल्क चुका रहे हैं। लोन कि किश्तें भी बराबर दे रहे हैं। लेकिन सुविधा नहीं होने से यहां शिफ्ट नहीं हो रहे।

-पवन अग्रवाल, कोकता ट्रासंपोर्ट नगर

एक वर्ष पहले हाउसिंग फार आल के तहत 11 लाख रुपये में एक बीएचके फ्लैट खरीदा था। लेकिन गुणवत्तापूर्ण काम नहीं होने से दीवार से प्लास्टर उखड़ने लगा, दरारें भी आ गई।

- विशाल जैन, राहुल नगर फेस- दो

आवासीय परियोजनाओं में जो भी शिकायत आती है, उसका समाधान किया जाता है। फिर भी यदि कुछ कमी है तो उसे पूरा किया जाएगा।

- सीपी गोहल, अपर आयुक्त नगर निगम

Posted By: Lalit Katariya

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