Bhopal News:भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भारतीय किसान यूनियन मध्यप्रदेश ने शनिवार को अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन दिया। इससे पहले उन्होंने शाहजहांनी पार्क से लेकर नीलम पार्क तक रैली निकाली और किसानों की मांग पूरी नहीं होने के चलते शासन के खिलाफ नारे भी लगाए। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, यूनियन के पदाधिकारियों और किसानों को नीलम पार्क के पास पुलिस ने रोक दिया था। यहां वह सड़क पर ही धरना देने के लिए बैठ गए। उनकी मांग थी कि जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भारतीय किसान संघ के आंदोलन में पहुंच सकते हैं तो हमारे प्रदर्शन में क्यों नहीं आ सकते हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संयोजक और पूर्व विधायक डाक्टर सुनीलम धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। यहां उन्होंने यूनियन के कार्यकर्ताओं को अपनी मांगों को लेकर बताया। उन्होंने कहा कि हम संविधान दिवस के अवसर पर, देश भर के किसान अपने-अपने राज्यों के राज्यपाल को केंद्र सरकार दारा किसानों से किए गए वादे याद दिला रहे हैं। जैसा कि आपको ज्ञात होगा, संयुक्त किसान मोर्चा ने 21 नवंबर 2021 को केंद्र सरकार को लिखी चिट्ठी में अपने छह लंबित मुद्दों की तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट किया था। इसके जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने नौ दिसंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चा के नाम एक पत्र (सचिव/ऐएफडब्लू/2021/मिस/1) लिखा। इस पत्र में उन्होंने कई मुद्दों पर सरकार की ओर से आश्वासन दिया और आंदोलन को वापस लेने का आग्रह किया था। सरकार की इस चिट्ठी पर भरोसा कर संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली की सीमा पर लगे मोर्चा और तमाम धरना प्रदर्शनों को 11 दिसंबर 2021 को उठा लेने का निर्णय किया था। आज दस महीने बाद भी केंद्र सरकार ने किसानों से किए गए वायदे पूरे नहीं किए हैं। हम आपसे एक बार पुनः अनुरोध है कि आप केन्द्र सरकार से लंबित मांगों को हल करने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने और किसानों की समस्याओं पर ध्यान देते हुए निम्नलिखित मांगों को पूरा करने का आग्रह करें।

मध्यप्रदेश के किसान तथा आदिवासी, खेत मजदूर भूमि, एवं पर्यावरण से जुड़े संगठनो की ओर से निम्नलिखित मुद्दों पर शासन को निर्देश एवं परामर्श देने के संबंध में ज्ञापन सौंपने के लिए इक्ट्ठे हुए

- बेमौसम की बारिश तथा सामान्य से कम बारिश से प्रभावित हुए किसानों को उनकी फसल के नुकसान की भरपाई करने लायक राशि का मुआवजा दिया जाए और इसके आंकलन के लिए खेत को इकाई मानकर आंकलन किया जाए।

- पहले रोकी जा चुकी अटल एक्सप्रेस वे की चंबल क्षेत्र से गुजरने वाली परियोजना को पुनः प्रारम्भ करने का विचार त्यागा जाए। इस बारे में गुपचुप तरीके से, बिना किसानो को सूचित किये किया जाने वाला सर्वे रोका जाए। इस सर्वे की वजह से आहत हुए श्योपुर के किसान की मृत्यु पर उसके परिजनों को एक करोड़ रुपया मुआवजा दिया जाए।

- पूरे प्रदेश में व्याप्त खाद संकट से किसानों को निजात दिलाने के लिए (अ) आवश्यकता से पहले ही पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडार उपलब्ध रखा जाए, (ब) कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए , (स) समितियों और निजी व्यापारियों के माध्यम से खाद बिक्री का पुराना अनुपात बहाल किया जाए, (द) खाद की मनमानी दरों पर रोक लगाकर सस्ता खाद उपलब्ध कराया जाए।

- प्रदेश में आवारा पशुओं ने फसल तबाह कर किसानों की जिंदगी को मुश्किल में डाल दिया है। इस आपदा की रोकथाम के लिए (अ) प्रत्येक गौपालक किसान को प्रति माह 1000 रूपये प्रति गाय सहायता राशि दी जाए, (ब) पशु व्यापार पर लगी रोक हटाई जाए और पशु व्यापारियों पर कथित गोरक्षकों के हिंसक हमलों पर सख्त कार्यवाही की जाए, (स) गौशालाओं में अकल्पनीय भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए।

- किसान सम्मान निधि से वंचित किसानो को उसमे शामिल किया जाए तथा उन्हें एरियर सहित भुगतान किया जाए। निधि की राशि बढ़ाकर दो गुनी की जाए।

- बिजली बिलों के नाम पर लूट बंद कर किसानो को मुफ्त बिजली दी जाए। बिजली विभाग द्वारा बनाए फर्जी मुकदमे बापिस कर उनके बिल माफ किए जाएं।

- ड्रोन के जरिये किये जा रहे हवाई सर्वे से भू अभिलेखों का अद्यतनीकरण रोका जाए। भूअभिलेखों के डिजिटलाइजेशन में व्यापत गड़बड़ी और भ्रष्टाचार खत्म किया जाए। पूर्व रिकार्ड में शासकीय मद में दर्ज हजारों एकड़ बेशकीमती भूमियों को मिलीभगत कर निजी भू स्वामी के नाम दर्ज की गई भूमियों की सीबीआई जांच कर कार्यवाही की जाय।

- आदिवासियों तथा वनो की जमीन को कारपोरेट कंपनियों को दिए जाने को रोका जाए।

- खेत मजदूरों की दैनिक मजदूरी बढ़ाते हुए उन्हें कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में लिया जाए।

- ओबीसी समुदायों की वास्तविक संख्या सुनिश्चित करने के लिए जनगणना की जाए।

- किसानों के समस्त कर्जे माफ किए जाएं। बैंक एवं बिजली विभाग द्वारा की जा रही जबरन वसूली पर रोक लगाई जाए।

- गांव से लगी खेतों को जाने वाली रास्ताओं का खेत सड़क एवं सुदूर सड़क योजना चालू कर प्राथमिकता से रोड निर्माण कराए जाएं।

Posted By: Lalit Katariya

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