भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। नगर निगम में साफ-सफाई, कचरा कलेक्शन, अतिक्रमण, भवन अनुज्ञा, पार्किंग व स्ट्रीट लाइट समेत अन्य समस्याओं के लिए स्मार्ट सिटी में काल सेंटर बनाया गया है। लेकिन लोगों को काल सेंटर में शिकायत करने पर समाधान का भरोसा नहीं है। ऐसे में निगम के काल सेंटर में शिकायत करने की अपेक्षा लोग सीएम हेल्पलाइन में फोन लगाना अधिक भरोसेमंद समझते हैं।

निगम की मानें तो सीएम हेल्पलाइन में पहले निगम के काल सेंटर से जुड़ी शिकायतों के बारे में भी पूछा जाता है। ऐसे में व्यक्ति काल सेंटर पर भरोसा न कर सीएम हेल्पलाइन के जरिए समाधान चाहता है। यही वजह है कि कई बार काल सेंटर पर भी शिकायत होती है। लेकिन उसका समाधान हो, उसके पहले व्यक्ति सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करा देता है। इनमें से करीब 90 फीसदी शिकायतें अतिक्रमण, सड़कों पर गंदगी, सीवेज, जलकार्य और पड़ोसियों से हुए मनमुटाव को लेकर आती हैं, जिसमें कई शिकायतें तो पड़ोसी से लड़ाई के बाद उसके द्वारा किए गए अवैध निर्माण या कब्जे है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्या का समय पर समाधान न होने पर भी लोग सीएम हेल्पलाइन का दरवाजा खटखटाते है। वहीं खतरनाक पेड़ सहित अन्य मामलों की छोटी-छोटी शिकायतो के चलते निगम के पास सीएम हेल्पलाइन की औसतन 15 हजार शिकायतें माहवार होने लगी है। इस आधार पर देखा जाए तो सालभर में लगभग दो लाख शिकायतों का निपटारा निगम के अधिकारियों को करना होता है।

भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें एक फीसदी भी नहीं

उधर निगम में वार्ड, जोन और निगम मुख्यालय के अधिकारी, कर्मचारियों और अन्य भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों का आंकड़ा एक फीसदी भी नहीं है। अधिकांश लोग निगम के कर्मचारी, अधिकारियों के कामकाज पर सवाल नहीं उठाते है। यह अपने आप में निगम के लिए एक संतुष्टिभरा भाव कहा जा सकता है।

नगर निगम द्वारा शहर की जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का जिम्मा है। इसके लिए कई बार कुछ कारणों से देर हो जाती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि निगम जनहित से जुड़े मुद्दों के लिए गंभीर नहीं है। चूंकि सीएम हेल्पलाइन में छोटे-छोटे मुद्दों की शिकायत की जा रही है तो यह गलत परंपरा है। हम कोशिश करेंगे कि हमारे काल सेंटर से ही या मेयर हेल्प लाइन से ही लोगों की परेशानियों का हल हो जाए, ताकि मामला सीएम हेल्पलाइन तक जाए ही नहीं।

- किशन सूर्यवंशी, नगर निगम परिषद अध्यक्ष

Posted By: Ravindra Soni

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