भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी में सरकारी जमीन पर रसूखदारों द्वारा कब्जा करने के तो कई मामले सामने आ चुके है लेकिन सरकारी अधिकारी ही सरकारी जमीन पर कब्जा कर मकान तान रहे है। ऐसे ही एक मामले में रविवार को जिला प्रशासन और नगर निगम ने कार्रवाई की है। इसमें पुलिस अधिकारी व सरकारी कर्मचारी ने कान्हासैया में पांच हजार वर्गफीट जमीन पर कब्जा कर मकान तान दिया था, हालांकि निर्माण कार्य अभी चल ही रहा था लेकिन रविवार को यह कार्रवाई नहीं हो पाती तो लोग यहां रहने की तैयारियां कर रहे थे। एसडीएम हुजूर आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस विभाग के दो इंस्पेक्टर और इंजीनियर सहित अन्य सरकारी कर्मचारियों ने यहां कब्जा किया था। जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार इस सरकारी जमीन पर जिनका अतिक्रमण हटाया गया उनमें रायसेन के जनपद कार्यालय में सर्व शिक्षा अभियान का सब इंजीनियर भानू प्रसाद व उसकी पत्नी का नाम शामिल है। एसडीएम ने बताया कि जब यहां कब्जा किया जा रहा था तो कान्हासैया के पटवारी ने इन्हें सरकारी जमीन का हवाला दिया तो भानू प्रसाद ने उन्हें यह कहकर चलता कर दिया कि वे भी एक सरकारी अधिकारी है। उन्हें जो करना है वे कर रहे है तुम अपना काम करो। उन्हें समझाइश न दें। इसी तरह गणेश तिवारी सब इंस्पेक्टर के रूप में राजधानी में पदस्थ है। वहीं कान्हासैया सरपंच पति रामकृष्ण अहिरवार ने भी इस जमीन पर मकान बनाया है। इतना ही नहीं आईटीबीपी इंडियन तिब्‍बत बार्डर पुलिस के दफ्तर के सामने की इस जमीन आईटीबीपी के ही कई पुलिसकमियों के कब्जे है। जिन्हें हटाया गया। देर शाम तक प्रशासन ने यहां से गणेश तिवारी, रामकृष्ण अहिरवार, संतोष सिंह, ऊषा, धन्नलाल, शर्मिला, संगा ओट, प्रेमचंद, राजेंद्र सिंह पाल और दयाराम अहिरवार के कब्जे हटाए गए है। 12 मकान धराशाई कर दिए गए।

नगर निगम को सीएनजी बसें रखने के लिए दी जा सकती है जगह

बता दें कि यहां करीब छह एकड़ सरकारी जमीन खाली है। इसमें से चार एकड़ जमीन बल्क में रिक्त है। नगर निगम जल्द ही सीएनजी बसें खरीदने वाला है। इन बसों को रखने के लिए यह जमीन आवंटित कराई जा सकती है। इसके लिए निगम के प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि हाइवे पर होने के कारण इस जमीन पर अतिक्रमण हो रहे हैं।

सरकारी कर्मचारी बोले हमने 600 रुपये वर्गफीट में खरीदी थी जमीन

जिन लोगों के मकान गिराए गए उन्‍होंने ने बताया कि यह जमीन उन्होंने 600 रुपये वर्गफीट में उन्होंने खरीदी थी। इधर, एसडीएम ने बताया कि सभी को दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि आखिर यहां किसने जमीन इन्हें कब्जा कर यहां बेची है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Lalit Katariya

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