भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि। Bhopal News भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) को कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए रिजर्व कर लिया गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए अस्पताल को अधिग्रहीत कर लिया है। यहां भर्ती करीब 100 मरीजों को छुट्टी कर दी गई है। इसमें कई ऐसे मरीज हैं जों गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। मंगलवार को प्रदेश सरकार के अचानक इस फैसले से मरीजों में नाराजगी है। यहां 200 मरीज डायलिसिस करा रहे थे जो अब बंद हो जाएगी।

भारत सरकार ने दो दिन पहले प्रदेश सरकार को एक बड़ा अस्पताल तैयार करने को कहा था। इसके बाद पब्लिक हेल्थ एक्ट में दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के अधीन आने वाले इस अस्पताल को अधिग्रहीत कर लिया है। दिक्कत यह है कि भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की व्यवस्था न तो राज्य सरकार ने की है न ही बीएमएचआरसी प्रबंधन ने।

मंगलवार रात तक सभी मरीजों की छुट्टी कर अस्पताल को कोरोना के इलाज के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां ओपीडी में भी मरीजों को इलाज नहीं मिलेगा। गैस राहत मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य पूर्णेन्दू शुक्ला ने इसे राज्य सरकार को गलत निर्णय बताया है। गैस एक्टिविस्ट रचना ढींगरा ने कहा कि यह अस्पताल गैस पीड़ितों के लिए हैं। उन्हें पहले से ही फेफड़े की व अन्य बीमारियां हैं। उन्होंने कि जरूरत पड़ी तो इस मामले में लीगल एक्शन लेंगे।

एम्स व हमीदिया से मरीजों की छुट्टी

एम्स में ओपीडी 30 अप्रैल तक के लिए बंद कर दी गई है। गंभीर मरीजों को छोड़ बाकी मरीजों की छुट्टी की जा रही है। यहां सिर्फ ट्रामा व इमरजेंसी में मरीजों का इलाज हो रहा है। हमीदिया में भी मई तक ऑपरेशन टाल दिए गए हैं।

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