भोपाल। राजधानी के खटलापुरा घाट पर नाव दुर्घटना में 11 युवकों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने शाम 7 बजे के बाद बोट संचालन को प्रतिबंधित कर दिया है। लेकिन मप्र टूरिज्म कार्पोरेशन द्वारा बड़े तालाब पर रात 9 बजे तक क्रूज का संचालन किया जा रहा है।

रविवार को दो बार क्रूज मछलियों के लिए लगाए गए जाल में फंस गया। जिससे क्रूज का इंजन बंद होने से पर्यटक परेशान हो गए। दोपहर करीब 2 बजे केबल स्टे ब्रिज के सामने जाल में फंस गया। जाल काटने और वहां से रवाना होने में दो घंटे लग गए। इस दौरान क्रूज में मौजूद घबराए पर्यटकों ने डायल 100 में फोन करके इसकी जानकारी भी दी। वहीं, शाम करीब सात बजे भी दोबारा जाल में फंस गया।

करीब आधे घंटे बाद क्रूज का इंजन चालू हो पाया। बोट संचालक राजेश रायकवार ने बताया कि कू्रज का रूट तय है, लेकिन इसे रूट से हटकर चलाने के कारण जाल में फंसने की समस्या हो रही है। यही नहीं इसमें ज्यादा कमाई के चक्कर में क्षमता से अधिक पर्यटकों को बैठाया जाता है। जिसको देखने वाला कोई नहीं है।

नगर निगम के झील संरक्षण शाखा के सिटी इंजीनियर संतोष गुप्ता का कहना है कि तालाब में मछली पालन के लिए मछुआरे जाल लगाते हैं, उन्हें क्रूज के रूट से जाल को हटाने के लिए कहा गया है। सूर्यास्त के बाद बोट के संचालन पर रोक है। क्रूज रात 9 बजे तक है अथवा नहीं, इसके लिए परमिशन की जानकारी ली जाएगी।

सीएम हाउस के सामने से कुछ पर्यटकों को निकाला

शाम 7 बजे फिर क्रूज में फंस गया, जिससे इंजन बंद हो गया। जाल निकालने के लिए बोट से लोगों को भेजा गया। लेकिन इसमें समय लग रहा था। जिसके बाद कुछ पर्यटकों को सीएम हाउस के सामने वाले हिस्से में उतारा गया।

इनका कहना

तालाब में मछली पकड़ने वाले क्रूज के रूट में जाल लगा देते हैं, जिससे क्रूज फंस जाता है। 10-15 मिनट में जाल को काटकर क्रूज निकाल लिया जाता है। यह सामान्य घटना है। शाम को क्रूज में सवार कुछ पर्यटकों को कहीं जाना था, इसलिए वे उतरने की मांग कर रहे थे, उन्हें मोटर बोट से किनारे पर लाया गया।

अनिल कुरूप, प्रबंधक, बोट क्लब एमपी टूरिज्म

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