Bhopal News : भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना के नाम पर भेल प्रबंधन ने बीते दो सालों में कर्मचारियों के खर्चों में जमकर कटौती की है। भेल के इतिहास में बीते दो सालों में भेल भोपाल के पांच हजार कर्मचारियों को न प्लांट परर्फोंस (पीपी) बोनस नहीं दिया गया न ही दीपावली बोनस मिला। इतना नहीं इंसेंटिव भी नहीं दिया गया। इसके लेकर भेल कर्मचारियों में नाराजगी है। आए दिन धरने-प्रदर्शन चल रहे हैं। कभी राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस तो कभी भेल आल इंडिया एम्पलोई यूनियन तो कभी भारतीय मजदूर संघ भेल कर्मचारियों के खर्चों में की की गई कटौती के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं।

भारतीय मजदूर संघ भेल भोपाल के द्वारा बीते दो दिनों से नटराज गेट पर प्रदर्शन किया जा रहा है। भीषण गर्मी में यूनियन के पदाधिकारी, सदस्य व भेल कर्मचारी प्रदर्शन करके कर्मचारियों के खर्चों में की कटौती को बहाल करने की मांग उठा रहे हैं। यूनियन के महामंत्री कमलेश नागपुरे ने बताया कि कर्मचारियों में भारी आक्रोश है जनवरी माह में उपहार वितरित कर दिया जाना था परंतु प्रबंधन की टाला मटोली के कारण अभी तक कर्मचारियों को उपहार प्राप्त नहीं हुआ। कोरोना की आड़ में प्रबंधन ने कर्मचारियों के वेतन से अचानक इंसेंटिव की राशि को बंद कर दिया जिसे लेकर भारतीय मजदूर संघर्षरत है। साथ ही साथ 2021-22 में भेल भोपाल के कर्मचारियों के द्वारा पूरी तन्मयता से उत्पादन किया गया पर उन्हें अभी तक पीपी बोनस नहीं मिला है। साथ ही कर्मचारियों को कैंटीन में भरपेट भोजन भी प्राप्त नहीं हो रहा है। इसे लेकर भारतीय मजदूर संघ ने आज दो दिवसीय आंदोलन को नटराज गेट पर पूर्ण किया। भरी दोपहर की गर्मी में भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना कर्मचारियों और भारतीय मजदूर संघ की कर्मचारियों के प्रति जागरूक को प्रकट करता है, जबकि हेवु भारतीय मजदूर संघ को तीसरे नंबर पर स्थान प्राप्त हुआ है, लेकिन वह संघर्ष में हमेशा लगातार चार वर्षों से धरना प्रदर्शन कर कर्मचारियों को जागरूक और प्रबंधन को आगाह करता रहा है। जल्द ही हमारी मांगें नहीं मानी गई तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

Posted By: Lalit Katariya

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