Bhopal News : भोपाल (राज्य ब्यूरो)। भोपाल के जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल में तत्कालीन सीईओ दिव्या पाराशर और अस्पताल में पदस्थ उनके अन्य रिश्तेदारों द्वारा कथित तौर पर की गई गड़बड़ी की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी करेगा।

ईडी में मामले की शिकायत अस्पताल के तत्कालीन डायरेक्टर मेजर जनरल टीपीएस रावत ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पराशर ने करीब 50 लाख रुपये का गबन हर साल किया है। उन्होंने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में भी इस साल मई में की थी।

रावत ने ईडी को शिकायत में कहा था कि बाद में उन्हें अवांट कैंसर सपोर्ट फाउंडेशन का डायरेक्टर भी बना दिया गया। उन्हें बताया गया यह कंपनी अस्पताल द्वारा ही बनाई गई है, जो अस्पताल में दवाओं की आपूर्ति करेगी। हर दिन लाखों रुपये के चेक पर मुझसे हस्ताक्षर कराए जाते थे, पर पूछने पर दिव्या पाराशर कोई जानकारी नहीं देती थीं।

अस्पताल में हर वर्ष 40 से 50 करोड़ रुपये की दवाएं लगती हैं। इस कंपनी ने इस वर्ष के शुरुआती चार महीने में 15 करोड़ रुपये की दवाओं की बिक्री और पांच करोड़ रुपये मुनाफा दिखाया था। उन्होंने कहा कि दिव्या पाराशर ने शैल कंपनियां बनाई थीं, जिसके माध्यम से आठ करोड़ रुपये का गबन किया है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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