मदनमोहन मालवीय. भोपाल! शहर में निर्माण एजेंसियों द्वारा पाइप लाइन बिछाने के लिए की गई खोदाई और भारी वर्षा के कारण पांच प्रमुख सड़कें बदहाल हो गई हैं। इस कारण लगभग 10 लाख आबादी परेशान है लेकिन निर्माण एजेंसियां एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ रही हैं। दरअसल, ये सड़कें नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के आपसी झगड़े का शिकार हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि उसकी सड़कें नगर निगम ने खोदी हैं, जबकि नगर निगम का कहना है कि उसने कुछ ही सड़कों की खोदाई करवाई है।

शहर की प्रमुख सड़कों की जर्जर स्थिति पर लाइव रिपोर्ट

बैरसिया रोड : बैरसिया लांबाखेड़ा से भोपाल टाकीज तक लगभग आठ किलोमीटर की सड़क पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाई गई थी। इस सड़क पर थिंक टैंक गैस कंपनी द्वारा खोदाई की गई थी। इसके बाद वर्षा में यह सड़क पूरी तरह उखड़ गई। करोंद से निशातपुरा रेलवे फाटक तक नवीन सड़क के निर्माण के कारण हालत और भी बदतर हो गए हैं। इधर डीआइजी बंगला से लेकर सिंधी कालोनी तक सड़क जगह-जगह से जर्जर हो गई हैं।

करोंद मंडी 80 फीट रोड : निशातपुरा स्थित करोंद गल्ला मंडी का यह मुख्य मार्ग इन दिनों बैरसिया रोड के यातायात का भी भार झेल रहा है। दरअसल करोंद चौराहा से हाउसिंग बोर्ड तक की सड़क को निर्माण कार्य के चलते खोद दिया गया है। इसी सड़क से लोग डीआइजी बंगला, रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड पहुंचते हैं। पिछले दो साल से इसकी मरम्मत नहीं होने से सड़क उखड़ गई है और गहरे गड्ढे हो गए हैं।

हमीदिया रोड : हमीदिया रोड की हालत बहुत ही खराब हो गई है। इस सड़क को पाइप लाइन बिछाने वाली एजेंसियों ने खोदा था, जो वर्षा के बाद और उखड़ गई। डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क भोपाल टाकीज चौराहा और अल्पना टाकीज तिराहा तक पहुंचते-पहुंचते गड्ढों में तब्दील हो गई है। जबकि नादरा बस स्टैंड चौराहा पर भी सड़क पूरी तरह से जर्जर हो गई है।

भोपाल टाकीज से पुल पुख्ता रोड : अल्पना तिराहा से भारत टाकीज और फिर पुल पुख्ता तक जाने वाली यह सड़क भी जर्जर हालत में हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो रहे हैं। सड़क का निर्माण कराने के बाद दोबारा से इस पर सही तरीके से मरम्मत नहीं होने से सड़क की यह हालत हुई है। बीच में कई बार इस सड़क के गड्ढों का मुद्दा उठा भी लेकिन जिम्मेदारों ने गिट्टी और मुरम डालकर खानापूर्ति कर दी।

कोलार रोड : पीडब्ल्यूडी की सड़कों में शामिल कोलार रोड भी जगह-जगह से उखड़ गई है। इस सड़क को पाइप लाइन बिछाने के लिए कंपनी ने जगह-जगह से खोदा है। गोल जोड़ से बैरागढ़ चिचली तक 11 किलोमीटर सड़क कई जगह पर जर्जर हो चुकी है। नगर निगम ने मिट्टी और गिट्टी डलवाई थी जो हाल में हुई वर्षा से गायब हो गई है।

निर्माण और मरम्मत में होते हैं हर साल 50 करोड़ खर्च

पीडब्ल्यूडी के एक इंजीनियर ने बताया कि शहर की इन प्रमुख सड़कों का निर्माण और मरम्मत कराने में लगभग 50 करोड़ रुपये का खर्च आता है। पीडब्ल्यूडी ने पूर्व में सड़कों को बनाने के साथ ही मरम्मत भी करवाई थी। इसके बाद पाइप लाइन बिछाने के लिए एजेंसियों ने सड़क को जगह-जगह खोद दिया और मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति कर दी।

नगर निगम ने नहीं की कोई कार्रवाई

नगर निगम आयुक्त ने वर्षा से पहले पाइप लाइन एजेंसियों को निर्देश दिए थे कि खोदाई के बाद मरम्मत का काम अच्छे से करें। निर्देश पर अमल करते हुए एजेंसियों ने गिट्टी और सीमेंट का कमजोर मटेरियल लगाकर खानापूर्ति कर दी। जो कि वर्षा में उखड़ गया, लेकिन अभी तक किसी भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इनका कहना है

शहर में पीडब्ल्यूडी की प्रमुख सड़कें नगर निगम द्वारा पाइप लाइन समेत अन्य कार्य के लिए नियुक्त की गईं कंपनियों ने खोदी थीं। इससे वह जर्जर हुई हैं, इन सड़कों को बनाने के लिए नगर निगम को कहा गया है। वही अब इन सड़कों की मरम्मत करवाएंगे।

- संजय मस्के, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी

सभी सड़कें नगर निगम द्वारा नहीं खुदवाई गई हैं। पीडब्ल्यूडी की 300 किलोमीटर की सड़कें खराब हुई हैं। इनमें से कुछ ही सड़कें हैं जो हमको सुधरवाना है, बाकि सड़कें वह खुद सुधरवाएगा। वहीं जिन एजेंसियों ने निर्माण में कोताही बरती है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।

- केवीएस चौधरी कोलसानी, आयुक्त, नगर निगम

हमने पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के अधिकारियों से सड़कों के निर्माण और मरम्मत को लेकर चर्चा की है। योजना बना ली गई है, अब एक एजेंसी को नियुक्त कर सभी सड़कों की मरम्मत व निर्माण कार्य कराया जाएगा।

- मालती राय, महापौर

Posted By: Ravindra Soni

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