भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह बच्‍चों के लिए खिलौना एकत्रित करने राजधानी की सड़कों पर ठेला लेकर निकलेंगे। उन्‍होंने गुरुवार को एक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों से 'एडॉप्‍ट एन आंगनवाड़ी' कार्यक्रम के तहत किसी आंगनवाड़ी को गोद लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा था कि वह भोपाल की सड़कों पर ठेला लेकर निकलेंगे और लोगों से बच्‍चों के लिए खिलौना मांगेंगे। शुक्रवार को सुबह सीएम हाउस से भिंड और सीधी के कलेक्‍टर के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उन्‍होंने एक बार फिर इस बात को दोहराया। उन्‍होंने भिंड कलेक्‍टर से कहा कि मैंने आंगनवाड़ी गोद करने की बात की थी। इसकी क्या स्थिति है? मैं भोपाल में हाथ ठेला लेकर बच्चों के लिए खिलौने लेने निकलने वाला हूं। आप भी भिंड के लिए योजना बनाएं।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि मैं आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए खिलौने इकट्ठा करने भोपाल में हाथ ठेला लेकर निकलने वाला हूं। लोगों को जोड़ने का यह मेरा मिशन है। हमारे बच्चे कुपोषित क्यों रहें। यह केवल आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की ड्यूटी नहीं है कि बच्चों को कुपोषण से मुक्त कर दें। समाज में अवेयरनेस आना चाहिए।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि मैंने अपने क्षेत्र में किसानों से आह्वान किया कि फसल आई है आंगनवाड़ी में कुछ गेहूं दे दो। कई जगह लोगों ने आंगनवाड़ी भर दी। किसी ने 50 किलो, किसी ने 25 किलो। कोई कमी ही नहीं रही, इतना पोषण आहार आ गया। सरकार और पोषण आहार एक पक्ष है लेकिन जनभागीदारी जुटाना और लोगों के मन में यह तड़प पैदा करना कि, हमारे बच्चे कुपोषित नहीं रहेंगे, यह दूसरा पक्ष है।

आंगनवाड़ी में जिन चीजों की जरूरत है। कई जगह खिलौनों की जरूरत है। मैंने तय किया है कि, मैं खुद भोपाल में हाथ ठेला लेकर निकलूंगा। बोलूंगा बच्चों के लिए खिलोने दो।यह अवेयरनेस क्रिएट करके लोगों को जोड़ने का प्रयास है।

गौरतलब है कि गुरुवार को ही सीएम शिवराज ने राजधानी में सुनहरी बाग स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का भ्रमण किया था। उन्‍होंने 'अडॉप्ट एन आंगनवाड़ी' अभियान के तहत इसे गोद लिया है और यहां पर रंग-रोगन सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं व्यक्तिगत रूप से करवाई हैं। सीएम आंगनवाड़ी में बच्‍चों के साथ फर्श पर बैठकर बतियाए और उनसे किस्‍से, कविताएं सुनीं। सीएम ने बच्‍चों से आंगनवाड़ी में मिलने वाले भोजन सामग्री और उसकी गुणवत्‍ता के बारे में भी पूछा। उन्‍होंने बच्‍चों को टाफी और रंगीन पेंसिल गिफ्ट कीं।

Posted By: Ravindra Soni

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