Bhopal News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल सहकारी दुग्ध संघ से उज्जैन स्‍थानांतरित किए गए डॉ. अशोक खरे की अपील हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। इसके पूर्व उनकी एक और याचिका को भी खारिज किया जा चुका है। उसके बाद ही डॉ. खरे ने हाईकोर्ट की डबल बेंच के पास अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व में सिंगल बेंच ने याचिका पर जो सुनवाई की थी, वह बिल्कुल सही है और उसमें कोई कमी नहीं है इसलिए अपील याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। डॉ. अशोक खरे भोपाल सहकारी दुग्ध संघ में कार्यरत थे, जिनका तबादला दुग्ध महासंघ ने उज्जैन किया है।

दरअसल, डॉ. अशोक खरे भोपाल सहकारी दुग्ध संघ में सालों से पदस्थ रहे। उनका मूल पद पशु चिकित्सक का है और वे प्रभारी महाप्रबंधक क्षेत्र संचालन का काम देख रहे थे। उनका तबादला दुग्ध महासंघ के एमडी शमीम उद्दीन ने 25 अगस्त को भोपाल से उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ में कर दिया था। वे तबादला आदेश से खफा हो गए और दबाव बनाने के लिए दूसरे अधिकारियों की तरह हाईकोर्ट में याचिका लगा दी। याचिका में उन्‍होंने तर्क दिया था कि उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ के सीईओ डीपी सिंह उनसे कनिष्ठ हैं। यह भी कहा था कि वे कनिष्ठ अधिकारी के अधीन काम नहीं करेंगे। डॉ. अशोक खरे ने पूर्व सीईओ रहे डॉ. केके सक्सेना के निरस्त तबादला आदेश को भी आधार बनाने की कोशिश की थी। याचिका की सुनवाई के दौरान दलील दी कि महासंघ ने पूर्व में डॉ. केके सक्सेना का गलत तरीके से तबादला कर दिया था और मेरे साथ भी ऐसा ही किया है। उनकी इन दलीलों के प्रतिवाद में दुग्ध महासंघ की तरफ से पक्ष रखा गया था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने डॉ अशोक खरे की याचिका को खारिज किया था। इसके बाद डॉ. अशोक खरे ने हाईकोर्ट की डबल बेंच के पास अपील दायर कर दी थी। डबल बेंच ने भी इसे निरस्त कर दिया है।

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local