भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संक्रमण के चलते धरना-प्रदर्शन पर रोक है। इसके बाद भी गुरुवार को प्रदेश भर से करीब 800 आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं ने भोपाल पहुंचकर यहां प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वह लिंक रोड नंबर एक से जेपी अस्पताल की तरफ जाने वाली सड़क पर बैठ गई हैं। पुलिस ने उन्हें खूब समझाने की कोशिश की, लेकिन वह एक ही मांग पर अड़ी रहीं की उन्हें नियमित किया जाए। आशा और ऊषा कार्यकर्ता को हर महीने 18 हजार और सहयोगी को 24 हजार वेतन दिया जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक छवि भारद्वाज ने आशा-ऊषा संगठन के प्रदाधिकारियों से मिलकर क्रमश: 10 हजार और 15 हजार रुपये वेतन देने के संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही, लेकिन कार्यकर्ता इस बात पर अड़ी रहीं की उन्हें इस सबंध में आदेश चाहिए। संगठन के पदाकिकारियों ने कहा कि उन्होंने कई बार ज्ञापन के जरिए अधिकारियों के सामने मांग रखी हैं। कई राज्यों में आशा-ऊषा को नियमित कर वेतन दिया जा रहा है। उनकी सबसे बड़ी मांग वेतन की ही है। बता दें प्रदेश भर में करीब 80 हजार आशा-ऊषा हैं।

प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी से नाराजगी बढ़ी

संगठन की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी कौरव को दोपहर दो बजे के करीब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अन्य कार्यकर्ता नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि जब तक उनके प्रदेश अध्यक्ष को नहीं छोड़ा जाएगा वह नहीं हटेंगी। मौके पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा और पूर्व महापौर विभा पटेल भी पहुंची। उन्होंने कहा कि आशा-ऊषा की मांगें जायज हैं।

Posted By: Lalit Katariya

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