भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। आइएएस सर्विस मीट के दूसरे दिन शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आइएएस अधिकारियों एवं उनके स्वजनों ने सुमधुर संगीतों की बेहतरीन प्रस्तुति देर समां बांध दिया। वहीं शुरूआत में बच्चों ने मनमोहक डांस की प्रस्तुति दी। इसके अलावा अधिकारी व उनके स्वजनों ने फेशन शो की प्रस्तुति दी। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पत्नी साधना सिंह सहित कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम विवर्स आफ इंडिया (भारत के बुनकर) थीम पर था। तो वहीं फैशन शो शेडस आफ इंडिया (भारत के रंग) पर आयोजित किया गया।

दिवंगत संगीतकारों को समर्पित रहा आयोजन

कोरोना के दो साल बाद हुए इसे आयोजन में दिवंगत गीतकार-संगीतकार को प्रस्‍तुतियों के जरिए श्रद्धांजलि दी गई। विवर्स आफ इंडिया थीम पर हुए आयोजन में आइएएस शीला दाहिमा, अनुभा श्रीवास्तव, सीएम ठाकुर, भास्कर लक्षकार, रिटायर्ड आइएएस वीण घाणेकर ने आरडी बर्मन, बप्पी लहरी, लता मंगेशकर के गीत पेश करते हुए सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं उनके स्वजनों को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया।

फैशन शो में दिखे पारंपरिक परिधान के रंग

सांस्कृतिक कार्यक्रम में आइएएस अधिकारी और उनके स्वजन रैंप वाक करते नजर आए। इनमें मध्यप्रदेश के बाघ प्रिंट, महेश्वर की साडि़यां, चंदेरी साड़ी और प्रदेश के अन्य पारंपरिक वस्त्रों पर अफसरों ने कैटवाक की। अन्य राज्यों के पारंपरिक वस्त्रों में भी अधिकारी नजर आए। शेडस आफ इंडिया थीम पर यह फैशन शो हुआ, जिसने सभी का मन मोह लिया। वहीं कार्यक्रम के अंत में ट्रेजर हंट (खजाने की खोज) प्रतियोगिता हुई। इसमें क्लू के आधार पर आइएएस अधिकारियों की विभिन्न टीमों ने खजाने की खोज की।

बच्चों का ध्यान रखें, उन्हें समय, प्यार और बेहतर संस्कार दें

आइएएस मीट के सांस्कृतिक कार्यक्रम में पत्नी साधना सिंह सहित पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो साल बाद आयोजित हुए कार्यक्रम की सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिनके चेहरे पर मुस्कुराहट नहीं है वह भी मुस्कराएं हमारी यह कोशिश होना चाहिए। यह मैं आपके लिए नहीं कह रहा हूं, यहां मेरी पूरी टीम बैठी है जिनके साथ मिलकर मैं काम करता हूं। मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की खुशहाली को हम ओर अधिक कैसे बढ़ा सकते हैं, इस पर जोर देना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है। कई बार बहुत काम करना पड़ता है यह जो आनंद के उत्सव आते हैं, हमारा तनाव दूर कर देते हैं और काम करने की नई क्षमताएं देते हैं। घर पर भी आनंदित रहें और बच्चों का ध्यान रखे उन्हें समय दें, प्यार दें और बेहतर संस्कार दें। उनको अकेला बिल्कुल न छोडें, वह कभी-कभी तनाव में आ जाते हैं। उनका ध्यान रखना माता-पिता का कर्तव्य है।

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close