भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। यूनियन कार्बाइड कारखाने के पास स्थित काली परेड औद्योगिक क्षेत्र में 26 फूड प्रोसेसिंग यूनिट काम कर रही हैं। इस क्षेत्र को भोपाल के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र के रूप में पहचाना जाता है, लेकिन पिछले तीस सालों में हुए अतिक्रमण ने इस क्षेत्र के विकास को रोक दिया है। उद्योगपतियों ने कई बार इस क्षेत्र के विकास के लिए गुहार लगाई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। वर्तमान में इस जगह पर चिप्स, नमकीन, बेकरी, मसाले और बेसन बनाने की मिल चल रही हैं, लेकिन जगह की कमी और परिवहन की तेज सुविधा न होने से उद्योगपति अपने उत्पाद देश के अन्य राज्यों में नहीं भेज पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इंदौर के उत्पाद भारत सहित विदेश में भी जा रहे हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि यदि सरकार ध्यान दे तो भविष्य में यहां से करोड़ों का राजस्व मिल सकता है। वहीं ड्राय पोर्ट की सुविधा सबके लिए सुलभ न होने से उत्पाद केवल सीमित क्षेत्र में ही सिमट कर रह गए हैं।

इन दो समस्याओं का सामना कर रहे उद्योगपति

1. बड़े वाहनों के लिए नो एंट्री : काली परेड तक दिन के समय नो एंट्री रहती है। जबकि पास में स्थित करोंद गल्ला मंडी में दिन भर बड़े वाहनों की आवागमन लगा रहता है।

2. तेजी से होता अतिक्रमण : औद्योगिक क्षेत्र के आसपास तेजी से अतिक्रमण हो रहा है। पूर्व में भी औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी जमीन को आवासीय क्षेत्र घोषित किया जा चुका है।

- 20 एकड़ जमीन की मांग कर रहे उद्योगपति

- 80 नए उद्योग बन सकते हैं

- 4000 लोगों को मिलेगा रोजगार

- 250 करोड़ का हर वर्ष मिलेगा राजस्व

बन सकते हैं 80 कारखाने

हाल ही में नपती के बाद इस जगह पर 20 एकड़ की जगह औद्योगिक क्षेत्र की थी। जिस पर लगभग 80 कारखाने बन सकते हैं। वहीं यूनियन कार्बाइड की भी काफी जगह है। इस पूरी जगह पर बड़ा औद्योगिक क्षेत्र तो विकसित किया ही जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से यहां वृक्षारोपण के लिए भी काफी जगह है। वर्तमान में जो उद्योग हैं, उनके पास जगह कम है। जगह मिलने से उनकी निर्माण क्षमता बढ़ेगी। जिससे ग्राहकों की मांग को पूरा किया जा सकेगा। शहर के बीचों-बीच होने के कारण इस क्षेत्र में परिवहन की सुविधा बेहतर है। पक्की सड़कें और पानी की सुविधा भी है। कारखानों में काम करने के लिए कारीगर भी आसानी से मिल जाते हैं। इस क्षेत्र से इंदौर, सागर, विदिशा, बैरसिया सीधे जुड़े हुए है। इस कारण खाद्य पदार्थों का तेजी से परिवहन यहां से आसान हो जाता है।

बनाए जा रहे ये उत्पाद

ब्रेड और बेकरी के उत्पाद, नमकीन, मसाले, बेसन, गिलास, फ्रेब्रिकेशन, इलेक्ट्रानिक्स और ट्रांसफार्मर के पार्ट्स बनाने वाली 30 फैक्ट्रियां हैं।

ड्राय पोर्ट की सुविधा मिलने से यह होगा लाभ

- इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का व्यवसाय बढ़ेगा।

- उत्पाद विदेश भेजने में आसानी होगी।

- कस्टम और निर्यात संबंधी कागज यहीं बनेंगे।

- विदेश भेजे जा रहे सामान की बंदरगाह पर जांच नहीं होगी।

- उत्पाद खराब होने और टूट-फूट की चिंता नहीं होगी।

- सामान विदेश भेजने में कम समय लगेगा।

- हजारों नौकरियों के अवसर मिलेंगे।

- परिवहन और पैकिंग का व्यवसाय बढ़ेगा।

नए कारखाने बनाने मांग रहे जमीन

यूनियन कार्बाइड कारखाने के पास काफी जमीन औद्योगिक क्षेत्र की है। इस जगह पर नए कारखाने स्थापित करने की मांग की जा रही है। शासन यदि चाहे तो यहां पर भी एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा सकता है। इसकी मांग हम पिछले तीन दशक से कर रहे हैं। शहर के बीच होने के कारण यहां कारीगरों की भी कोई समस्या नहीं है। नो एंट्री के हटते ही यह क्षेत्र इंदौर, सागर, गुना और विदिशा सहित कई जिलों से दिनभर के लिए जुड़ जाएगा।

- हरीश गंगारामानी, अध्यक्ष, काली परेड औद्योगिक क्षेत्र

प्रदेश को होगा फायदा

लंबे समय से हम उद्योग की जमीन की मांग कर रहे हैं। यह जमीन हमें मिलने से खाद्य उद्योग का यहां तेजी से विकास होगा। वर्तमान में नई मशीनों और नए विचारों के साथ उद्योगपति और बेहतर तरीके से काम कर सकेंगे। जिससे उद्योगगपतियों का काम भी बढ़ेगा और सरकार को मिलने वाले राजस्व में भी बढ़ोत्तरी होगी। हमारे क्षेत्र में बन रहे उत्पादों की काफी मांग है। लेकिन जगह की कमी के चलते हम ग्राहकों की मांग को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

- संजय तनवानी, सचिव, काली परेड औद्योगिक क्षेत्र

सड़कें खराब हैं, कैसे करें काम

हमारा मुख्य विक्रय केंद्र घोड़ा नक्कास में है। वहां की सड़क खराब पड़ी हुई है। पिछले तीन माह में तीन बार सड़क का निर्माण कार्य रुका है। इसका बड़ा नुकसान हमें होता है। इसके अलावा सामान को तेजी से बाहर भेजने में भी मुश्किल आती है। यह सारी मुश्किलें खत्म हों, तो हम और बेहतर नतीजे दे सकते हैं। अपने सामान की क्वालिटी पर हमने बहुत काम किया है, लेकिन बाकी चीजों पर सहयोग नहीं मिल पाता है।

- प्रेम यादव, संचालक, कुंदन नमकीन

सड़क या रेलमार्ग द्वारा बंदरगाह से जुड़ा होता है ड्राय पोर्ट

ड्राय पोर्ट या शुष्क बंदरगाह ऐसे स्थान को कहा जाता है, जो किसी सड़क मार्ग या रेलमार्ग द्वारा किसी बंदरगाह से सीधे जुड़ा होता है। और बंदरगाह से सैकड़ों किमी दूर होता है। यहां बंदरगाह पर होने वाले सभी कार्य होते हैं। यहां से जहाजों के लिए सीधे कंटेनर भेजे जाते हैं। इस स्थान को अंतर्देशीय कंटेनर डिपो भी कहा जाता है।

Posted By: Ravindra Soni

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