भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोचिंग संचालकों को लेकर कलेक्टर तरुण पिथौड़े सख्त हो गए हैं। बुधवार को उन्होंने 30 कोचिंग और हॉस्टल संचालकों की बैठक ली। इसमें उन्होंने तल्ख लहजे में संचालकों को हिदायत दी है कि 7 दिन के अंदर फायर सेफ्टी नियमों का पालन करें, अगर कोचिंग की बिल्डिंग में इमरजेंसी एग्जिट नहीं है तो 15 दिन के अंदर अपनी बिल्डिंग ही बदल दें या बंद कर दें। ऐसा नहीं किया गया तो कोचिंग संस्थानों में ताला डाल दिया जाएगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि हमें सिर्फ बच्चों की सुरक्षा से मतलब है, इसलिए नियमों का पालन तो करना ही होगा। इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है।

दरअसल, आगजनी से छात्रों की सुरक्षा के लिए कोचिंग सेंटर व हॉस्टलों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म और इमरजेंसी एग्जिट जैसी सामान्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट में बैठक की गई थी। इसमें हॉस्टल व कोचिंग सेंटरों के संचालकों द्वारा मनमानी करने तथा संस्था की व्यवस्थाएं दुरुस्त न करने के चलते अंतिम बार समझाइश दी गई।

फीस के रूप में लाखों वसूलते हो, इमरजेंसी एग्जिट नहीं तो शिफ्ट करो बिल्डिंग

एक कोचिंग सेंटर के संचालक ने कहा कि बिल्डिंग में इमरजेंसी एग्जिट के इंतजाम नहीं किए जा सकते हैं। बिल्डिंग संचालक भवन में तोड़फोड़ करने नहीं देता है। इस पर कलेक्टर बोले कि आपने तो बिल्डिंग किराए पर ले रखी है, यदि इमरजेंसी एग्जिट नहीं बना सकते हैं तो दूसरी बिल्डिंग किराए पर ले लें। आप छात्रों से लाखों रुपए लेते हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी आपकी है। हादसा हो गया और कोई कैज्युअल्टी हो गई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

नियमों का पालन नहीं किया तो करा देंगे एफआईआर

कोचिंग सेंटरों की लगातार जांच न होने का मामला भी बैठक में उठा। इस पर कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों व हॉस्टलों का निरीक्षण करेंगे। जिस कोचिंग सेंटर में व्यवस्थाएं दुरुस्त न मिले तो उसे सुधारने को कहें, दूसरी बार जांच में वह व्यवस्था न मिले तो उस संस्था के संचालक पर क्रिमिनल केस (एफआईआर) दर्ज कराकर संस्थान में ताला लगा दें। कलेक्टर ने एसडीएम से कहा कि वे संस्थान की जांच के दौरान छात्र से भी संस्था के संबंध में जानकारी लें वहां की समस्याएं जानें। विशेष रूप से छात्राओं से पूछें कि कोचिंग या हॉस्टल आने-जाने के दौरान उनके साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं करता है। यदि कोई शिकायत करे तो उस पर तत्काल एक्शन लें।

50 फीसदी संस्थानों ने अब भी नहीं किया नियमों का पालन

बता दें कि गुजरात के सूरत स्थित एक कोचिंग सेंटर में आगजनी की घटना के बाद जिला प्रशासन ने राजधानी के 176 कोचिंग सेंटरों व हॉस्टलों की जांच चार टीमों से कराई थी। इसमें किसी भी संस्था में अग्निशमन यंत्र व फायर अलार्म तक नहीं मिले थे, जहां मिले वह खराब ही थे। 5 फीसदी संस्थाओं को छोड़कर अन्य सभी जगह इमरजेंसी एग्जिट की सुविधा तक नहीं मिली थी। छात्रों के वाहनों की पार्किंग सड़कों पर हो रही थी। कुछ तो बेसमेंट में क्लासेस चला रहे थे। टीमों ने सभी संस्थानों के संचालकों को नोटिस देकर अगिनशमन यंत्र, फायर अलार्म तथा इमरजेंसी एग्टिज जैसी सामान्य व्यवस्थाएं करने को कहा था।

इनमें से अब तक 50 फीसदी संस्थानों ने अपनी कम्प्लायंस रिपोर्ट तक नहीं दी। जिन्होंने दी है, उसमें से भी 20 फीसदी संस्थानों ने इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था न होने की बात कही है। करीब 40 कोचिंग सेंटर ऐसे हैं, जो नियमों का पालन करने को ही तैयार नहीं है। इसमें तृप्ति अग्रवाल, क्वांटम, एक्सीलेंस, पिनेकल, इंदौर कौटिल्य, इंजीनियर सर्कल, लीगल एज्युकेशन कोचिंग सेंटर तथा डॉटर्स नेस गर्ल्स नेस्ट के नाम शामिल हैं।

कोचिंग और हॉस्टलों के बाहर पुलिस करेगी गश्त

बैठक में कोचिंग सेंटर के पदाधिकारियों ने कहा कि हॉस्टलों के बाहर शाम और रात को आवारा तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। लड़कियों के साथ छेड़छाड़ भी होती है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि कोचिंग सेंटर या हॉस्टलों में आने जाने वाले छात्र-छात्राओं को कोई परेशान न करे, इसके लिए इन क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। इसके लिए डीआईजी को शाम तक पत्र भी लिख दिया गया है। यह गश्त एमपी नगर जोन-1 व 2, इंद्रपुरी, करोंद, न्यूमार्केट, अशोका गार्डन जैसे अनेक क्षेत्रों में जहां कोचिंग व हॉस्टल हैं, वहां बढ़ेगी।

संगठनों ने ये दिए सुझाव

- हॉस्टल व कोचिंग सेंटरों व उनके अंदर बाहर आने-जाने वाले रास्ते में भी सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाएं।

- वाहनों की पार्किंग भी सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हों।

- मीटर के बाहर खुले तारों को दुरुस्त कराने के साथ साथ पूरी वायरिंग कॉपर की हो।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना