भोपाल, (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) का पालन कराने की आड़ में ही नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। एयरपोर्ट अथारिटी ने यात्रियों की सुविधा के लिए यहां पर स्माकिंग लाउंज का निर्माण किया है। इसका संचालन एक प्राइवेट कंपनी करती है। कई यात्रियों ने कंपनी के मनमाने रवैए पर आपत्‍ति व्यक्त की है।

भारत सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान रोकने एवं तंबाकू से संबधित सामग्री की बिक्री को रोकने के उद्देश्य से कोटपा एक्ट 2003 बनाया था। इसी अधिनियम के तहत होटल, रेस्त्रां एवं एयरपोर्ट आदि स्थानों पर स्मोकिंग लाउंज बनाने एवं इसके लिए जरूरी नियम भी जारी किए हैं। इन नियमों का पालन कराना जरूरी है। लेकिन भोपाल एयरपोर्ट पर नियमों की आड़ में यात्रियों को परेशान किया जा रहा है। दरअसल सिगरेट के पैकेट पर यह लिखना जरूरी है कि सिगरेट पीना कैंसर का कारण हो सकता है। पैकेट पर यह स्पष्ट अक्षरों में लिखा जाना जरूरी है। जिन पैकेट पर यह नहीं लिखा है, उसकी बिक्री एवं उपयोग प्रतिबंधित है।

इस तरह परेशान हो रहे हैं यात्री

यात्रियों के मुताबिक एयरपोर्ट के स्मोकिंग लाउंज में नियम लिखे गए हैं कि खुली व भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित अवैध सिगरेट के पैकेट पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। ओरल कैंसर की चेतावनीयुक्‍त 85 फीसदी चित्र वाले सीलबंद पैकेट ही लाउंज में मान्य हैं। स्मोकिंग करने पाले अधिकांश यात्री भारतीय कंपनियों के सिगरेट का पैकेट लेकर उसे जेब में ही मेटल सिगरेट केस में रखते हैं। ऐसे यात्रियों को भी स्मोकिंग लाउंज में यह कहकर रोका जा रहा है कि आप सिगरेट का पैकेट दिखाइए। यात्रियों ने इस पर आपत्ति व्यक्त की है। कोटपा एक्ट में यह नहीं कहा गया है कि खुली सिगरेट नहीं पी सकते।

यात्रियों पर दबाव डालना गलत

वैसे तो सिगरेट पीना ही नहीं चाहिए, लेकिन जो यात्री सिगरेट पीते हैं, वह स्वयं अच्छी क्वालिटी के सिगरेट लेकर सिगरेट केस में रखते हैं। पैकेट दिखाने का दबाव डालना गलत है। इसका सीधा मतलब है कि उन पर वहीं से सिगरेट खरीदने का दबाव डाला जा रहा है। दिल्ली, मुंबई कहीं भी ऐसा दबाव नहीं डाला जाता।

- डा. तुषार कुलकर्णी, यात्री एवं एयरलाइंस विशेषज्ञ

नियम का पालन कराया जाएगा

भारत सरकार ने कोटपा एक्ट बनाया है। स्मोकिंग लाउंज में इसका पालन कराया जाता है। हमने हरि हरानंद कंपनी को लाउंज संचालन का काम दिया है। यदि कंपनी नियमों की आड़ में किसी यात्री को परेशान करेगी तो कार्रवाई होगी। अभी तक किसी यात्री ने इसकी लिखित शिकायत नहीं की है।

- रामजी अवस्थी, एयरपोर्ट डायरेक्टर

Posted By: Ravindra Soni

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