Bhopal News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय(बीयू) में कृषि विज्ञान संस्थान खोला जाएगा। कार्यपरिषद(ईसी) सदस्यों ने इसे मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने व्यवस्थाएं जुटाना शुरू कर दिया है। इसके लिए पांच सदस्यीय समिति भी गठित कर दी गई है। यह समिति दूसरे कृषि विज्ञान संस्थान से चर्चा कर व्यवस्थाओं को पुख्ता करेंगे। विश्वविद्यालय में संस्थान खोलने के लिए नियमानुसार आईसीआर सहित अन्य अनुमतियां लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बीयू में पिछले दिनों नए सदस्यों के साथ ईसी की पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इसमें लगभग एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा कर अनुमति दी गई। उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रत्येक विश्वविद्यालय में कृषि विज्ञान संस्थान खोलने के आदेश दिए थे। प्रदेश में अब जबलपुर और ग्वालियर के बाद तीसरा एग्रीकल्चर कालेज बीयू में खुलेगा। ईसी ने इसके लिए अनुमति दे दी है। ईसी की अनुमति के बाद बीयू ने सारी औपचारिकताओं के साथ भवन निर्माण के लिए स्थान, फैकल्टी और अन्य पदों का सृजन, सीटों की संख्या आदि की तैयारी करेगा। इसके लिए पहले से चल रहे विवि व कालेजों से भी संपर्क किया जाएगा। ज्ञात हो कि राजधानी सहित अन्य प्राइवेट कालेजों में एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर डिग्री पहले से दी जा रही है।

विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा

बीयू में कृषि विज्ञान संस्थान खोलने के लिए तैयारी चल रही है। इस सत्र से विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जैविक खेती कोर्स को सबसे अधिक विद्यार्थियों ने यूजी के प्रथम वर्ष में दो साल में प्रवेश लिया है। अब कृषि विज्ञान संस्थान खोलने से विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। वे संस्थान में अनुभवी शिक्षकों के अंदर शोध कार्य भी कर पाएंगे। साथ ही जैविक खेती के तकनीक को भी समझ सकेंगे। कृषि विज्ञान संस्थान खोलने से विद्यार्थी कृषि के उपयोग में आने वाले तकनीकों के बारे में जान सकेंगे। इससे विद्यार्थी स्वरोजगार भी कर पाएंगे।

Posted By: Lalit Katariya

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close