भोपाल। मध्यप्रदेश में एयर टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर टैक्स की दर अधिक होने के कारण एयरलाइंस कंपनियों इंटरनेशनल उड़ानें शुरू नहीं कर रही हैं। यदि टैक्स की दर कम की जाए तो कंपनियां यहां से उड़ानें शुरू कर सकती हैं। एयरपोर्ट अथारिटी भी चाहती है कि भोपाल से इंटरनेशनल उड़ानें जल्द शुरू हों साथ ही यहां से कार्गो मूवमेंट भी बढ़े।

अथारिटी के प्रयास से हाल ही में विभिन्न शहरों तक कई नई उड़ानें शुरू हुई हैं पर एक भी इंटरनेशनल उड़ान नहीं है। इसे देखते हुए अथारिटी ने अपने कुछ सुझाव संभागायुक्त के मार्फत राज्य शासन को दिए थे। एयरपोर्ट डायरेक्टर अनिल विक्रम ने बताया कि इस सिलसिले में 17 जून को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उनके कक्ष में एक विशेष बैठक होगी। बैठक में भोपाल से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने, कार्गो मूवमेंट बढ़ाने, कस्टम क्लीयरेंस शुरू करने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। बैठक में एयरलाइंस कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर भोपाल, मप्र औद्योगिक विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारी, सीआईआई एवं चैंबर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। बैठक में भाग लेने के लिए एयरपोर्ट अथारिटी पश्चिमी क्षेत्र के कार्यकारी निदेशक जी चंद्रमौली विशेष रूप से भोपाल आ रहे हैं।

पहले 5 फिर 24, अब 25 फीसदी टैक्स

एटीएफ यानि विमान के ईंधन पर पहले 5 फीसदी टैक्स था। राज्य शासन ने बाद में इसे बढ़ाकर 24 फीसदी किया। पांच साल पहले इसकी दर 25 फीसदी कर दी गई। एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि यह दर देश में सर्वाधिक है। यदि एटीएफ को कर मुक्त किया जाए या फिर न्यूनतम टैक्स किया जाए तो इंटरनेशनल उड़ानों को प्रोत्साहन मिल सकता है। हाल ही में एयरपोर्ट अथारिटी की संभागायुक्त के साथ हुई बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। एयरलाइंस कंपनियों का मानना है कि टैक्स कम होने से किराया कम होगा, इससे एयर ट्रैफिक बढ़ेगा।