भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी भोपाल में दिल्ली की तरह वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। रविवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 107 तक पहुंचा है। यह सामान्य सूचकांक 50 से 57 अंक अधिक है। सड़कों पर धूल, खुले में किए जा रहे निर्माण कार्य व वाहनों का धुआं वायु प्रदूषण की प्रमुख वजह है।

हालांकि बाजार वाले क्षेत्रों की तुलना में रहवासी क्षेत्रों की हवा अभी भी अच्छी ठीक है। यह खतर आगे और बढ़ेगा। इसका असर मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण, पक्षियों व वन्यजीवों पर पड़ेगा। बता दें कि दिल्ली के आनंद विहार क्षेत्र में सूचकांक 455 पर पहुंच गया था। भोपाल में यह स्थिति आने वाले दिनों में बननी तय है।

ऐसे बढ़ रहा प्रदूषण

सितंबर---सूचकांक

25---105

26--118

27---106

28---124

29---119

30---129

अक्टूबर

01---116

02---107

ऐसे बढ़ता है वायु प्रदूषण

प्रदूषण मामलों के जानकार डा. सुभाष सी पांडे का कहना है कि जब वातावरण में धूल, धुआं, हानिकारक गैसों के कणों की अधिकता हो जाती है तो हवा की शुद्धता प्रभावित होने लगती है। धूल के कण सड़कों के खराब होने और खुले में किए जाने वाले निर्माण कार्यों से निकलते हैं। इसी तरह धुएं में भी हानिकारक कण होते हैं जो पुराने वाहनों के उपयोग से बढ़ जाते हैं। ये नग्‍न आंखों से दिखाई नहीं देते। संयंत्रों और औद्योगिक गतिविधियों में गैसों का इस्तेमाल होता है, उसके उपयोग से भी हानिकारक कण वातावरण में मिलते हैं। जब ये सभी तय मापदंड से अधिक मात्रा में वातावरण में मिलने लगते हैं तो हवा प्रदूषित होती जाती है।

रहवासी क्षेत्रों की हवा अभी भी अच्छी

राजधानी भोपाल में रहवासी क्षेत्रों की हवा अभी भी अच्छी है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली शाहपुरा के पर्यावरण परिसर क्षेत्र की वायु गुणवत्ता मानीटरिंग रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को सूचकांक 75 रहा है, जो कि टीटी नगर क्षेत्र के सूचकांक 107 की तुलना में कम है।

Posted By: Ravindra Soni

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