भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में स्थित भेल टाउनशिप में हर साल करोड़ों रुपये की बिजली चोरी हो रही है। अब तक भेल नगर प्रशासन बिजली चोरी रोक पाने में नाकाम साबित हो रहा है। भेल के गोविंदपुरा, पिपलानी, बरखेड़ा, हबीबगंज क्षेत्र में खुलेआम एलटी लाइन में बिजली के तार डाल कर लोग बिजली चोरी कर रहे है। सालों से भेल नगर प्रशासन के अधिकारी बिजली चोरी नहीं रोक पा रहे हैं। बिजली चोरी के अलावा भेल परिसर में निर्मित आवासों में अवैध कब्जों की भी विकट समस्या है। इन आवासों को मुक्त कराने के लिए बीएचईएल की जेसीएम यूनियन 'भेक्टू-सीटू' ने नगर प्रशासक सपन सुहाने से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान के लिए सुझावों का पत्र हाल ही में दिया है। भेक्टू-सीटू के महामंत्री रंजीत सिंह एवं यूनियन के दीपक गुप्ता व मीडिया प्रभारी अतुल मालवीय ने बताया कि भेल कठिन दौर से गुजर रहा है। ऐसे में लगभग 15 करोड़ रुपये की सालाना बिजली चोरी का बोझ भेल पर पड़ रहा है। यदि यह करोड़ों रुपये की चोरी नहीं रोकी गई तो अगले पांच वर्ष में भेल बर्बादी के कगार पर भेल पहुंच जाएगा।

भेक्टू-सीटू यूनियन ने प्रबंधन को सुझाव दिया है कि भेल टाउनशिप में झुग्गी बस्तियों के लोगों को प्रदेश सरकार के हस्तक्षेप से बिजली कंपनी के बिजली कनेक्शन मीटर के साथ प्रदत्त कराए जाएं। इसी प्रकार यूनियन ने सुझाव दिया है कि जिन आवासों में अवैध कब्जाधारी रह रहे हैं, उन्हें खाली कराया जाए व ऐसे सैकड़ों खाली आवासों को अन्य सरकारी संस्थानों, दुग्ध संघ, शिक्षा विभाग को किराये पर दिया जाए। इससे भेल की संपत्ति भी सुरक्षित रहेगी और आए बढ़ेगी। भेल की खाली पड़ी जमीनों को अतिक्रमण से बचाने के लिए वृहद वृक्षारोपण कराने व जर्जर आवासों को ध्वस्त करने का भी सुझाव दिया गया है। जिससे भेल को कई करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा। अवैध कब्जाधारियों की ओर बिजली-पानी की चोरी पर भी रोक लगेगी। इससे पहले भारतीय मजूदर संघ, इंटक और आल इंडिया भेल एम्प्लोई यूनियन ने भी बिजली चोरी रोकने की मांग प्रबंधन के समक्ष उठाई थी।

Posted By: Ravindra Soni

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