भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के तहत पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए स्टेशनों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए ग्रीन मेट्रो प्रणाली या ईको फ्रेंडली आधारित स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें सौर उर्जा का अधिक से अधिक इस्तेमाल, 100 पर्सेंट एलईडी लाइटिंग, बिजली की बचत, पानी की बचत, वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट, सोलर हीटर का इस्तेमाल, पूरी तरह इलेक्ट्रिक ट्रेनों का आवागमन, प्लास्टिक फ्री, वेस्ट सेगरिगेशन, दिव्यांग फ्रेंडली सुविधाएं और स्टेशन परिसर में ग्रीन कवर को बढ़ाने व ग्रीनरी को बचाने पर बल दिया जाएगा।

बतादें कि भोपाल में मेट्रो संचालन को लेकर 2024 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। सबसे पहले एम्स से सुभाष नगर तक प्रायरिटी कारिडोर का निर्माण किया जा रहा है। सात किलोमीटर के इस रूट में 450 करोड़ रुपये खर्च कर विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त आठ मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यहां यात्रियों के लिए एटीएम, फूड कोर्ट, आटोमेटिक फेयर कलेक्शन समेत अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। हर स्टेशन पर ई-रिक्शा, पब्लिक बाइक शेयरिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बस और पिकअप ड्राप जैसी सुविधाएं भी रहेंगी। इसके अलावा स्टेशनों में सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर, फुटपाथ, एस्केलेटर, आटोमेटिक फेयर कलेक्शन के साथ दिव्यांगों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी। अधिकारियों ने बताया कि सभी मेट्रो स्टेशनों को ग्रीन बिल्डिंग की प्लेटिनम रेटिंग के आधार पर बनाया जाएगा, यानी इन स्टेशनों पर बिजली का जितना उपयोग होगा, उतनी यह स्वयं जनरेट करेंगे। इसके लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। वहीं रेन वाटर हार्वेस्टिंग के जरिए बरसात के पानी को संग्रहित किया जाएगा।

150 मीटर के दायरे में बनेंगे स्टेशन

मेट्रो स्टेशन का निर्माण मेट्रो कारिडोर के बीच लगभग 150 मीटर के दायरे में मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाएगा, इसमें 22 मीटर का स्टेशन होगा शेष भाग प्रवेश और निकास सहित टिकट काउंटर इत्यादि बनाए जाएंगे। स्टेशन पर विद्युतीकरण सहित ट्रैक इत्यादि का कार्य भी स्टेशन निर्माण करने वाली कंपनी करेगी। इसके अलावा स्टेशन पर पार्किंग इत्यादि की भी व्यवस्था करवाई जा सकती है। वहीं रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को मेट्रो स्टेशन को अंडरग्राउण्ड पर भी जोड़कर बनाए जाने की भी रणनीति पर अमल करवाया जा सकता है।

रानी कमलापति स्‍टेशन के पास बनेगा स्काई वाक

रानी कमलापति स्टेशन के पास मेट्रो स्टेशन का इंटीरियर डेकोरेशन बाकी स्टेशनों से अलग होगा। यात्रियों को बैठने और लगेज कैरी करने के लिए इंटरनेशनल लेवल की सुविधाएं मिलेंगी। यहां स्टेशन का फ्रंट एलिवेशन भी दूसरे स्टेशनों से अधिक आकर्षक होगा। यहां पर आधुनिक लाइट से डेकोरेशन किया जाएगा। विशेष अवसरों पर थीम के अनुसार सजावट होगी। मेट्रो स्टेशन से रानी कमलापति स्टेशन के भीतर और बाहर आने जाने के लिए स्काई वाक बनाया जाएगा।

यहां बनना शुरू हुए स्टेशन

एम्स से सुभाष नगर फाटक (आजाद नगर बस्ती तक) मेट्रो कारिडोर पर आठ स्टेशन बनाए जा रहे हैं, इनमें एम्स, अलकापुरी, हबीबगंज नाका, रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, डीबी माल, केन्द्रीय विद्यालय और सुभाष नगर चिन्हित किए गए हैं। हालांकि यूआरसी कंपनी चेन्नई द्वारा इन आठ स्टेशनों में से शहर के बीच के प्रमुख पांच स्टेशनों का पहले चरण में निर्माण करने के लिए चुना है, शेष तीन स्टेशनों हबीबगंज नाका, अलकापुरी, एम्स के स्टेशनों का निर्माण दूसरे चरण में शुरू किए जाएंगे।

280 पिलर तैयार, बिछाए जा रहे गार्डर

दिलीप बिल्डकॉन कंपनी के द्वारा मेट्रो कारिडोर का निर्माण किया जा रहा है, यह निर्माण 90 फीसदी पूर्ण हो चुका है, इसमें गणेश मंदिर से डीआरएम चौराहा को जोड़ने के लिए निर्माण तीसरी लाइन के बिस्तार को ध्यान में रखते हुए किया जाना शेष है। इसके अलावा सुभाष नगर क्रासिंग पर भी लंबा सेतु बनना शेष है। इस सात किमी लंबे कारिडोर में 280 पिलरों को तैयार किया गया है। इनमें 70 फीसदी पिलरों में गार्डर लांच भी किए जा चुके हैं।

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