भोपाल। अब शताब्दी ट्रेनों में एक लीटर की बजाय सिर्फ आधा लीटर पानी दिया जाएगा। ज्यादा पानी लेने पर अलग से भुगतान करना होगा। अभी इन ट्रेनों में एक लीटर पानी मिलता है। रेलवे टिकट देते समय यात्रियों से इसकी राशि कैटरिंग शुल्क के साथ एकमुश्त लेता है।

रेलवे यह व्यवस्था प्रायोगिक तौर पर तीन महीने के लिए चुनिंदा रूट पर लागू करने जा रहा है। इस संबंध में नार्दन रेलवे के दिल्ली मुख्यालय से 31 अक्टूबर को आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि नई दिल्ली से कालका रूट पर पहले से यात्रियों को आधा लीटर पानी ही दिया जा रहा है।

यह रूट दो से ढ़ाई घंटे का है, इसलिए आधा लीटर पानी पर्याप्त है, लेकिन नई दिल्ली से हबीबगंज की दूरी 708 किमी है, जिसे तय करने में 8.30 घंटे लगते हैं। इस तरह आधा लीटर पानी यात्रियों को कम पड़ जाएगा। अभी हबीबगंज-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों को एक लीटर की पानी बोतल दी जाती है। यह रेल नीर ब्रांड की होती है। यात्रियों को ट्रेन में सफर के दौरान इस पानी की बोतल का शुल्क नहीं देना पड़ता है।

रेलवे का तर्क

रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में सफर करने वाले ज्यादातर यात्री गर्मी के सीजन को छोड़कर बाकी के सीजन में एक लीटर पानी का भी उपयोग नहीं करते। ज्यादातर यात्री पानी बोतल में छोड़ देते हैं। पानी बचाने की दिशा में प्रयास करते हुए 1 लीटर की बजाय आधा लीटर (500 एमएल) की पानी की बोतल देने का निर्णय लिया है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पाेरेशन (आईआरसीटीसी) के मुख्य प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि अभी तो एक लीटर की बोतल देते हैं। नए आदेश का पालन करेंगे।

राशि कम होगी या नहीं, तय नहीं

एक लीटर की जगह आधा लीटर पानी की बोतल सर्व करने की स्थिति में यात्रियों से पानी के नाम पर लिए जा रहे 15 रुपए कम होंगे या नहीं, इसको लेकर आदेश में कोई जिक्र नहीं है।

यात्रियों का तर्क

यात्रियों का तर्क है कि हबीबगंज से नई दिल्ली तक लंबा रूट है, पानी की जरूरत पड़ती है। सफर के दौरान ज्यादातर यात्रियों की जरूरत औसतन दो बोतल पानी की होती है, इसलिए आधा लीटर पानी देने वाला प्रयोग फेल हो जाएगा।

Posted By: Hemant Upadhyay

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