भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। अरेरा कालोनी ई-3 स्थित भोपाल फ्रेक्चर अस्पताल सहित शहर के ऐसे 13 नर्सिंग होम जो आवासीय अमुमति पर बनी इमारतों मे संचालित हो रहे हैं। लेकिन अब निगम को निर्धारित एकमुश्त शुल्क अदा कर भू अधिभोग परितवर्तन नहीं कराया है। इन अस्पतालों का लाइसेंस बिना निगम अभिमत रिन्यू न करने के लिए निगम आयुक्त ने सीएमएचओ को पत्र लिखा है।

बता दें कि राजधानी में वर्तमान में करीब एक हजार से ज्यादा नर्सिंग होम्स और क्लीनिक हैं। इनमें से 60 फीसदी नर्सिंग होम्स और क्लीनिक आवासीय अनुमति पर बनी इमारतों में संचालित हो रहे हैं। ऐसे सबसे ज्यादा नर्सिंग होम अरेरा कालोनी में हैं। हाल ही में निगम ने 4000 वर्ग फीट से कम आवासीय प्लॉट्स पर संचालित ऐसे नर्सिंग होम्स और क्लीनिकों को भू अधिभोग परिवर्तन के जरिए वैध करने की कवायद शुरू की थी। इसके लिए निगम ने एकमुश्त शुल्क तय किया था। लेकिन कई बैठकों और कई नोटिसों के बाद भी -ई-3/1 अरेरा कॉलोनी स्थित भोपाल फ्रेक्चर हॉस्पिटल सहित शहर के अलग-अलग इलाकों में आवासीय इमारतों में संचालित नर्सिंग होम संचालकों अब तक भू अधिभोग परिवर्तन नहीं कराया है। ऐसे में निगम आयुक्त ने सीएमएचओ को पत्र लिखकर इन अस्पतालों का लाइसेंस बिना निगम अभिमत रिन्यु न करने को कहा है।

अस्पतालों की सीएमएचओ को सौंपी लिस्ट

शिवाजी नगर स्थित पारूल हास्पिटल, ई-1/92 अरेरा कॉलोनी स्थित पारूलकर अस्पताल, ई-1/88 अरेरा कॉलोनी स्थित एमकेएम स्टोन अस्पताल, ई-7/451-452 अरेरा कॉलोनी स्थित मालती अस्पताल, ई-5/24 अरेरा कॉलोनी स्थित ग्लोबस अस्पताल, अरविंद विहार कालोनी बागसेवनिया स्थित ओजस अस्पताल, ई-7 एचआईजी-454 अरेरा कॉलोनी स्थित देवानी अस्पताल, ई-3/1 अरेरा कॉलोनी स्थित भोपाल फ्रेक्चर अस्पताल, नयापुरा लालघाटी स्थित फेयरवेल अस्पताल, एच-652 अरविंद विहार बागसेवनिया स्थित नवजीवन अस्पताल, ई-4/20 अरेरा कालोनी स्थित अनुश्री अस्पताल, 73 मालवीय नगर स्थित नाहर नर्सिंग होम, 151 मालवीय नगर स्थित मेडिलीवर अस्पताल।

Posted By: Ravindra Soni

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