भोपाल। त्रि-स्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव के लिए शुक्रवार को जारी आरक्षण कार्यक्रम शनिवार को सरकार ने स्थगित कर दिया। अब सरकार फिर से आरक्षण कार्यक्रम जारी करेगी। हालांकि यह कार्यक्रम कब जारी होगा, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है। एक दिन पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार चार दिसंबर से पंचायत के वार्ड, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत क्षेत्र के लिए आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होनी थी। जानकार बताते हैं कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने आरक्षण कार्यक्रम जारी करने से पहले विभाग के मंत्री से सहमति ही नहीं ली। त्रि-स्तरीय पंचायतों का कार्यकाल मार्च 2020 में समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए सरकार ने आम चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्र बताते हैं कि मामले में जल्दबाजी दिखाते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव गौरी सिंह ने शुक्रवार को पंचायत आमचुनाव आरक्षण कार्यक्रम घोषित कर दिया था।

देर शाम यह बात विभाग के मंत्री कमलेश्वर पटेल को पता चली तो उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर आपत्ति दर्ज कराई। सूत्रों के मुताबिक मंत्री ने मुख्यमंत्री को बताया कि आरक्षण कार्यक्रम जारी करने की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। इस पर मुख्यमंत्री भी नाराज हुए।

इस घटनाक्रम के बाद शुक्रवार रात को ही मुख्य सचिव एसआर मोहंती की मुलाकात मुख्यमंत्री नाथ से हुई। इसके बाद आरक्षण कार्यक्रम में फेरबदल का अनुमान लगाया जा रहा था। आखिर शनिवार को राज्य शासन ने आनन-फानन में एसीएस गौरी सिंह का मंत्रालय से बाहर प्रशासन अकादमी में तबादला कर दिया और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने चुनाव आरक्षण कार्यक्रम स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया।

Posted By: Sandeep Chourey