Bhopal News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। साैम्यापार्क लैंड कालोनी में नर्मदा जल की आपूर्ति नहीं होने से हर माह सोसायटी को टैंकर से पानी खरीदने पर तीन लाख रुपये खर्च करना पड़ रहा है। इसका भार रहवासियों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि हम साफ-सफाई, पानी और बिजली का बिल सोसायटी में जमा करते हैं, अब पानी की समस्या होने पर इसके अलग से पैसे देने पड़ रहे हैं। वहीं नगर निगम गाड़ी भी समय पर नहीं आती, जिससे हवा चलने पर कचरा आसपास उड़ता है। कालोनी से बाहर निकलो तो कुत्तों का आतंक शुरु हो जाता है।

रहवासियों का कहना है कि कालोनी को बने हुए दस साल से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अब भी रहवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। निगम निगम द्वारा कचरे के निस्तारण की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से लोगों के घरों से निकलने वाला कचरा घंटो बाहर पड़ा रहता है। अवारा कुत्ते इस कचरे का आसपास फैला देते हैं। इसकी दुर्गंध से रहवासियों का घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। साेसायटी के अध्यक्ष रवि सिंह ने बताया कि नगर निगम के एएचओ से कचरा गाड़ी समय पर नहीं आने की कई बार शिकायत की तब जाकर उसका समय सही हुआ। लेकिन ये लोग भी कालोनी का पूरा कचरा नहीं ले जाते हैं। सिंह ने बताया कि कालोनी में 450 मकान हैं। इनमें करीब 350 घरों में 1500 लोग रहते हैं। गर्मी में पानी का बोर सूखने लगता है, ऐसे में रोजाना आठ से दस हजार रुपये के पानी के टैंकर बुलवाने पड़ते हैं।

गार्डन का कचरा नहीं ले जाते सफाईकर्मी

कालोनी के पार्क में लगे पेड़-पौधों की कटाई- छंटाई सोसायटी के जिम्मे है। इससे निकलने वाले कचरे को नगर निगम के सफाई कर्मी लेने से मना करते हैं। इस कचरे को जलाया भी नही जा सकता है। ऐसे में कई दिनों से पेड़ की पत्तियां और लकड़ी कालोनी में ही पड़ी रहती है।

कुत्तों के आतंक से परेशान रहवासी

सौम्यापार्क लैंड कालोनी के गेट से बाहर निकलते ही कुत्तों के झुंड से लोगों का सामना होता है। ये कुत्ते वाहन चालक और राहगीरों पर बुरी तरह झपटते हैं। रात में कुत्तों की वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन कुत्तों के आतंक से सौम्यापार्क लैंड के साथ आसपास की कालोनियों के लोग भी परेशान हैं।

Posted By: Lalit Katariya

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