Bhopal News: भोपाल, नवुदनिया प्रतिनिधि। भोपाल के जंगल में धूम रहे बाघों की सुरक्षा के लिए की जा रही रात्रिकालीन गश्त की भी निगरानी की जाएगी। इस गश्त की औचक जांच करने वाले अधिकारियों का चार्ट बनाया जा रहा है। इस चार्ट के अनुरूप तय रात्रि में गश्त की निगरानी के लिए अधिकारी जंगलों में निकलेंगे और देखेंगे कि रात्रिकालीन गश्त करने वाला वन अमला कितना सजग है। दरअसल, कोरोना संक्रमण बाद से भोपाल शहर में बाघों की सुरक्षा के लिए की जाने वाली रात्रिकालीन गश्त पर सवाल उठते रहे हैं। कुछ बाघ मित्रों ने नए अधिकारियों को बताया कि गश्त ठीक से और तय रूट के अनुरूप नहीं की जा रही है। संबंधित वन अधिकारी एक—दो चक्कर लगाते हैं और वाहन खड़ा करके सो जाते हैं। रात में शिकारी इसका फायदा उठा सकते हैं। इन शिकायतों के बाद भोपाल सामान्य वन मंडल के डीएफओ आलोक पाठक ने एसडीओ को निर्देशित किया है कि रात्रिकालीन गश्त की निगरानी व्यवस्था को कड़ा कियाा जाए। जिन पाइंटों पर वन अमले की रात्रिकालीन गश्त तय की है वहां औचक निरीक्षण किए जाएं। यह काम सप्ताह में प्रत्येक दिन चिन्हित अधिकारी करें। इसकी रिपोर्ट बनाकर पेश की जाए, लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि भोपाल सामान्य वन मंडल के पास रात्रिकालीन गश्त के लिए दो वाहन हैं। एक उड़नदस्ता है। एक क्रैक टीम है इन सभी की जिम्मेदारी बाघ समेत सभी वन्यजीवों की रक्षा करना है। ये सभी टीमें दिन में तो सक्रिय रहती है लेकिन रात्रि के दौरान केवल खानापूर्ति की जा रही है। बाघ मित्रों की शिकायतों के बाद रात्रिकालीन गश्त को नए सिरे से किया जाएगा।

इन क्षेत्रों में अधिक मूवमेंट

भोपाल सामान्य वन मंडल के केरवा, कलियासोत, मेंडोरा, 13 शटर गेट, दानिश पहाड़ी, केरवा पहाड़ी, केरवा डैम, 13 शटर गेट से जागरण लेकसिटी रोड, चंदनपुरा, मौत का कुआ, केरवा डैम से कोलार जाने वाले मार्ग और केरवा नर्सरी में बाघों का मूवमेंट है।

Posted By: Lalit Katariya

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