भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शाहजहांनाबाद स्थित रेजीमेंट रोड अब भी जर्जर है। खराब सड़क पर रोजाना नाली का पानी भरने से यहां से निकलने वाले तीन वार्ड के 30 हजार से भी ज्यादा लोग परेशान हैं। खराब सड़क की समस्या को लेकर रहवासी कई बार अधिकारियों के सामने गुहार भी लगा चुके हैं, लेकिन न तो सड़क बन पा रही है और न ही सड़क पर बहने वाली गंदे पानी की समस्या को हल किया गया है। खराब सड़क के कारण एक ओर लोग गिर रहे हैं। दूसरी ओर शहर का पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है।

एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्‍मेदारी

सड़क को पीडब्ल्यूडी को बनाना है, लेकिन विभाग के सभी अधिकारी सड़क को बनाने की जगह नगर निगम पर जवाबदारी डाल रहे हैं। वहीं इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि लोगों की समस्या को देखते हुए सड़क पर मलबा डलवा देते हैं। लेकिन सड़क इतनी जर्जर है कि इसे फिर से बनवाना पड़ेगा, तो ही समस्या का समाधान होगा। वहीं इस मामले में पीडब्ल्यूडी के एक अभियंता से सड़क पीडब्ल्यूडी की होने से मना कर दिया। एक अन्य अभियंता ने फोन काल का जवाब नहीं दिया।

सड़क की लंबाई : तीन किमी

कब हुआ था डामरीकरण : 2018 में

कितने में हुआ था काम : 30 लाख रुपए

निर्माणाधीन एजेंसी : पीडब्ल्यूडी

रेजिमेंट रोड ही नहीं बनी

सड़क पिछले तीन सालों से खराब है। खराब सड़क के कारण रोज लोग गिर रहे हैं। वर्तमान में शाहजहांनाबाद के आसपास की सभी सड़कें बना दी गई हैं। केवल इसी सड़क को छोड़ दिया गया है। जिसके कारण लोग परेशान हो रहे हैं।

- राजकुमार दुबे, रहवासी

सारे कपड़े हो जाते हैं खराब

सड़क पूरी तरह से उखड़ी हुई है। इसके कारण दिन भर धूल उड़ती रहती है। मेरा कपड़े सिलने का काम है। धूल के कारण कपड़े खराब हो जाते हैं और जिसके कारण बड़ी परेशानी होती है।

- विष्णु अहिरवार, व्यापारी

शिकायत पर डलवा देते हैं मलबा

लोगों की शिकायत पर मलबा डलवा देते हैं। सड़क की स्थिति बहुत जर्जर है। हाल ही में गुरुनानक जयंती के जुलूस के दौरान हमने मलबा डलवाया था। हालांकि सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी को करना है।

- केसी गुप्ता, सहायक अभियंता, जोन 3, नगर निगम भोपाल

हमारी सड़क नहीं है

हमने हमीदिया रोड, बैरसिया रोड, एलबीएस अस्पताल सहित शाहजहांनाबाद की सारी सड़कों को बना दिया। यह सड़क हमारी नहीं है। हालांकि यह भी हो सकता है कि दूसरे जोन के अंतर्गत यह सड़क हो। इसके लिए आप अवनींद्र सिंह जी से बात कर लीजिए।

- प्रवीण शर्मा, एक्जिक्यूटिव इंजीनियर, भोपाल

Posted By: Ravindra Soni

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close