भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। बैरागढ़ की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए विभिन्न चौराहों पर लगे सिग्नल खराब पड़े हैं। बीआरटीएस मार्ग पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए आधा दर्जन स्थानों पर सिग्नल लगा दिए गए हैं, लेकिन ये भी गड़बड़ हैं। कुछ सिग्नल काम करते हैं, पर इसका पालन कोई नहीं करता।

बीआरटीएस मार्ग निर्माण के समय संत कंवरराम चौराहा, बस स्टैंड चौराहा, स्वामी शांतिप्रकाश चौराहा एवं कालका चौक पर सिग्नल लगाए गए थे। इसका मकसद यातायात व्यवस्था में सुधार करना था, पर अभी तक सुधार नहीं हो सका है। उल्टा संत कंवरराम चौराहे से कालका चौक तक व्यवस्था बिगड़ गई है। चंचल रोड से शिव मंदिर गोल चक्रा रोड एवं बस स्टैंड की तरफ मुड़ते समय अक्सर अव्यवस्था हो जाती है, क्योंकि सिग्नल बंद होने से राहगीर मनमाने ढंग से इधर से उधर निकलते हैं। कोई कहीं से भी निकल जाता है, इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। चंचल रोड से मेन रोड तक सर्वाधिक ट्रैफिक रहता है। यहां से रोड क्रास करते वक्त सिग्नल होना जरूरी माना जा रहा है।

लो-फ्लोर बसों पर भी नहीं रहा अंकुश

बैरागढ़ की यातायात व्यवस्था सुधारने में सबसे बड़ी बाधा लो-फ्लोर बसें हैं। बीआरटीएस लेन में कुछ सिग्नल काम करते हैं, लेकिन लाल सिग्नल होने पर भी बसें नहीं रूकती हैं। नतीजतन बाकी वाहन चालक भी नियम तोड़ते हैं। हाल ही में बैरागढ़ थाने में हुई कपड़ा एवं बर्तन व्यापारियों की बैठक में व्यापारियों ने प्रमुख चौराहों पर सिग्नल सिस्टम सुधारने पर जोर दिया। कुछ सिग्नल सुधारे भी गए, लेकिन प्रमुख चौराहों पर लगे सिग्नल अब भी खराब पड़े हैं। कपड़ा संघ के अध्यक्ष कन्हैया इसरानी एवं महासचिव दिनेश वाधवानी का कहना है कि ट्रैफिक सुधार के लिए सिग्नल सिस्टम में सुधार करना जरूरी है। यदि सभी सिग्नल काम करने लगेंगे तो ट्रैफिक नियमों का पालन कराना भी आसान हो जाएगा।

Posted By: Ravindra Soni

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