Bhopal News: भोपाल,नवदुनिया प्रतिनिधि। अब यदि पालीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक कंपनियों द्वारा बाजारों में खपाया जाता है तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं बाजार में पालीथिन में सामान बेचने और लेने पर कारोबारियों एवं ग्राहकों तक पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। दरअसल एक जुलाई से प्रतिबंध लगाए जाने पर भी तीन महीने बाद पालीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग हो रहा है। ऐसे में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अविनाश लवानिया ने इसका उपयोग करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही है। बता दें कि प्रदेश के शहरों में हर दिन लगभग तीन हजार क्विंटल प्लास्टिक कचरा निकलता है। इसमें 50 प्रतिशत से ज्यादा सिंगल यूज प्लास्टिक होता है, जिसमें पालीथिन से लेकर पानी की बोतल शामिल हैं। भोपाल में हर दिन 80 क्विंटल सिंगल यूज प्‍लास्टिक निकल रहा है। जबकि इंदौर में इसका आंकड़ा 118 क्विंटल, जबलपुर में 115, सागर में 55, उज्जैन में 105,ग्वालियर में 75 क्विंटल है। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर सबसे ज्यादा सिंगल यूज प्लास्टिक निकलता है।

जुर्माना के लालच में प्रतिबंध की अनदेखी

पालीथिन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के बाद नगर निगम के अमले ने जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई शुरू की थी। बताया जा रहा है कि निगम अमला छोटे- बड़े कारोबारियों के यहां दबिश देकर पालीथिन व प्लास्टिक जब्त कर जुर्माना बनाकर वसूली कर लेता है। इसी जुर्माने के लालच के चलते प्रतिबंध की अनदेखी की जा रही है। निगम की यह कार्रवाई अब पूरी तरह से ठप हो गई है। जिसका नतीजा यह है कि शहर के बाजारों में पालीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा है। बता दें कि शहर में 40 से 50 माइक्रोन की पालीथिन ही धड़ल्ले से बिक रही, ऐसे में निगम 120 माइक्रोन के केरी बेग समेत प्लास्टिक के 19 सामानों को कैसे बंद करेगा।

इन पर लगाया प्रतिबंध, 50 हजार तक है जुर्माना

सिंगल यूज प्लास्टिक से बने झंडे, प्लेटें, कप, गिलास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, ट्रे, मिठाई के बक्से, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट पर लपेटे जाने वाली फिल्म, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक व

पीवीसी बैनर, स्टिक, गुब्बारे के लिए बनाई जाने वाली प्लास्टिक स्टिक, कैंडी की प्लास्टिक स्टिक, आइसक्रीम की स्टिक, सजावट के लिए थर्माकोल की सामग्री पर प्रतिबंध लग चुका है। इनका उत्पादन, परिवहन, बिक्री व उपयोग

नहीं कर सकते। यदि करते पाए गए तो 50 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लग सकता है।

पालीथिन खबर का जोड़

- शहर के किराना बाजार में प्रतिबंध के बाद से काफी हद तक पालीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी आई है। अब वहीं पालीथिन और प्लास्टिक बाजार में है जो लोगों ने स्टाक कर रखा था।

अनुपम अग्रवाल, महासचिव, भोपाल थौक किराना व्यापारी महासंघ

- पालीथिन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध भले ही लग गया हो, लेकिन फेरी कर सब्जी और फल बेचने वालों के लिए मुशीबत बढ़ गई है। ग्राहक उनसे बिना पालीथिन के खरीदारी नहीं करते हैं। इस वजह से उनको यहां -वहां से जुगाड़ कर पालीथिन लेना पड़ रही है।

फरीद, लहसुन-प्याज थौक कारोबारी

- कभी ग्राहक झोला लेकर आते हैं तो कभी वैसे ही आ जाते हैं। मजबूरी में सब्जी, फल उनको पालीथिन में रखकर देना पड़ते हैं, नहीं तो वह बिना खरीदे ही वापस चले जाते हैं। इतना ही नहीं झोला लेकर आने वाले ग्राहक भी अलग-अलग लेने का कहकर पालीथिन में रखकर देने का कहते हैं।

अजहर, सब्जी कारोबारी

इनका कहना है -

पालीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक पर एक जुलाई से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बाद भी शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग जारी है। तीन महीने में जुर्माना और जब्ती की कार्रवाई के साथ कारोबारियों एवं ग्राहकों को

समझाईश दी गई है। अब यदि कंपनियाें, कारोबारियों और ग्राहकों द्वारा इनका उपयोग किया गया तो एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।

अविनाश लवानिया, कलेक्टर

- नगर निगम अमले और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीम द्वारा शहर में संयुक्त रूप से अभियान चलाकर पालीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वाले कारोबारियों के खिलाफ जुर्माना एवं जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। अभी तक एफआईआर जैसा कोई प्रकरण सामने नहीं आया है।

एमपी सिंह, अपर आयुक्त नगर निगम

Posted By: Lalit Katariya

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