Bhopal News: भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। अस्पष्ट नियमों की आड़ में शहर में खुलेआम हुक्का बार संचालित हो रहे हैं। जिला प्रशासन और आबकारी विभाग का कहना है कि हमारी ओर से हुक्का बार के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किया जाता वहीं पुलिस का कहना है की प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट होने पर इनके विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा। जिम्मेदारों की टालमटोली के बीच युवाओं में हुक्का पाइप से धुआं उड़ाने का चलन धीरे-धीरे आम होता जा रहा है।

बता दें कि गांधी जयंती पर नशामुक्ति अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा कि है की प्रदेश की धरती पर हुक्का लाउंज जैसी गतिविधियां नहीं चलेंगी। ऐसे लाउंज पर बुलडोजर चलाने जैसवी सख्त कार्रवाई की बात भी उन्होंने कही है लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार आदेश की समीक्षा करने जैसे बहाने बनाने में लगे हैं।

रेस्टोरेंट की अनुमति पर हुक्का बार संचालन

शहर में लगभग 150 हुक्का लाउंज संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से लगभग 40 प्रतिशत लाउंज संचालकों ने जिला प्रशासन के खाद्य विभाग से रेस्टोरेंट संचालन की अनुमति ले रखी है। वहीं अन्य 60 प्रतिशत लाउंज तो ऐसे है जिनके पास रेस्टारेंट तक की अनुमति नहीं है और यह ऐसे ही चल रहे हैं। जब नवदुनिया ने इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि हुक्का लाउंज के नाम पर जिला प्रशासन के किसी भी विभाग द्वारा कोई अनुमति देने का कोई प्रविधान ही नहीं है। हुक्का लाउंज संचालक रेस्टोरेंट के नाम पर अनुमति लेते हैं और प्रशासन द्वारा सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 200 & (सीओटीपीए या कोटपा एक्ट) के तहत कार्रवाई नहीं होने की वजह से पूरे रेस्टोरेंट में धुआं उड़ाने की छूट देते हैं।

पूरे रेस्टोरेंट को बना रखा है स्मोकिंग जोन

वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल गुर्जर का कहना है कि हुक्का लाउंज की अनुमति नहीं मिलती है। किसी भी रेस्टोरेंट में एक स्मोकिंग जोन, अर्थात धूमपान स्थान होना अनिवार्य है जहां कोटपा एक्ट के नियम प्रभावशील होते हैं। इसके तहत सिर्फ धूमपान जोन में गैर प्रतिबंधित धूमपान ऐपरैटस (सिगरेट, हुक्का) परोसा जा सकता है।नियमों के तहत इस क्षेत्र में किसी भी तरह का खाद्य पदार्थ नहीं परोसा जा सकता है। इसके अलावा वह प्रतिबंधित खाद्य जोन में

भी हुक्का परोसते हैं जो कि नियमों के विरूद्ध है। वहीं कुछ संचालकों ने पूरे रेस्टोरेंट को धूमपान जोन घोषित कर रख है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इनको खाद्य लाइसेंस किस आधार पर दिया जाता है।

शहर के इन क्षेत्रों में सबसे अधिक हुक्का लाउंज

वैसे तो शहर के प्रमुख मार्ग पर हुक्का लाउंज है लेकिन बिट्टन मार्केट, एयरपोर्ट रोड, 10 नंबर मार्केट, चूना भट्टी, एमपी नगर, रोहित नगर, 12 नंबर, होशंगाबाद रोड, लालघाटी, केरवा रोड की ओर बड़ी तादाद में हुक्का लाउंज संचालित हो रहे हैं। इन हुक्का लाउंज द्वारा ओपन माइक, कामेडी ईव जैसे प्रोग्राम आयोजित कर युवाओं को आकर्षित किया जाता है।

इनके पास है कार्रवाई करने का अधिकार

सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 200& (कोटपा एक्ट) का उल्लंघन करने पर संबंधित के खिलाफ कलेक्टर, एसडीएम, एडीएम, जिला खाद्य निरीक्षक, ड्रग निरीक्षक आदि कार्रवाई कर सकते हैं। इसके अलावा कोटपा एक्ट के तहत पुलिस को भी कार्रवाई का अधिकार हैं। जबकि हकीकत यह है कि राजधानी में इस एक्ट के तहत साल भर में नाममात्र कार्रवाई ही की जाती है। वहीं हुक्का लाउंज संचालकों द्वारा खाद्य लाइसेंस की शर्तों का भी उल्लंघन किया जाता है, जिसके तहत खाद्य विभाग भी संबंधित रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस रद्द

कर सकता है।

इनका कहना है

-हुक्का लाउंज का संचालन करने के लिए खाद्य विभाग द्वारा कोई अनुमति नहीं दी जाती है। रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा को संचालित करने के लिए संचालकों को खाद्य लाइसेंस दिया जाता है। यदि वह इसकी आड़ में हुक्का परोसते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाती है।

देवेंद्र दुबे, जिला खाद्य अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग

-आबकारी अधिनियम में हुक्का लाउंज को किसी भी तरह की अनुमति या लाइसेंस देने का कोई प्रविधान ही नहीं है।

आरपी श्रीवास्तव, उपसचिव, वाणिज्यक कर विभाग

-शासन के निर्देश पर फिलहाल समीक्षा कर रहे हैं, बाकी प्रशासनिक स्तर पर

इन हुक्का लाउंज को किस आधार पर अनुमती दी गई है, उस पर कलेक्टर ज्यादा

अच्छा बता सकते हैं। पुलिस के पास जब भी शिकायत आती है, हम कार्रवाई करते

हैं।

मकरंद देऊस्कर पुलिस आयुक्त

Posted By: Lalit Katariya

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