Bhopal News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के किसी भी क्षेत्र की बिजली बंद हुई तो मैदानी अमला बिजली कंपनी के अधिकारियों से इसे छुपा नहीं सकेगा। बल्कि बिजली बंद न हो, इसकी भरसक कोशिश करेगा। यदि बिजली वर्षा, आंधी-तूफान व अन्य कारणों से बंद हो भी जाती है तो अमला तुरंत सुधार शुरू कर आपूर्ति बहाल करने में जुट जाएगा। दरअसल, बिजली कंपनी ने बीते हफ्ते बिजली आपूर्ति की निगरानी व्यवस्था का विस्तार किया है।

अभी तक कंपनी गोविंदपुरा स्थित मुख्यालय में सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा इक्वीजीशन (स्काडा) सिस्टम से शहर के 444 फीडरों पर नजर रखती है। जिसमें यह पता चलता है कि कौन सा फीडर कितने बजे बंद हुआ और कितने बजे चालू किया गया। अब बिजली कंपनी ने महाप्रबंधक शहर और डीई से लेकर सभी 26 जोन के प्रभारियों को टैबलेट दे दिए हैं। इन्हें स्काडा सेंटर की लिंक भी उपलब्ध करा दी है, जो टैबलेट पर एक्सेस हो जाती है। इस तरह स्काडा सेंटर टैबलेट पर खुल जाता है। इस तरह 24 घंटे निगरानी में आसानी हो गई है। निगरानी करने के लिए अमल में लाई गई इस व्यवस्था के बाद अब अधिकारियों से कर्मचारी बिजली बंद होने की घटनाओं को छुपा नहीं पा रहे हैं।

फैक्ट फाइल

- 4.60 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं

- 650 उच्च दाब उपभोक्ता हैं

- 98 पावर सब स्टेशन हैं

- 80 फीडर 33 केवी के हैं

- 364 फीडर शहर में 11 केवी के हैं

- 26 जोन हैं शहर में

- 18 से 25 हजार उपभोक्ता हैं एक जोन में

- 12 से 25 कर्मचारी हर एक जोन में सुधार के लिए हैं

- 40 से 50 कर्मचारियों की जरूरत हर एक जोन में हैं

- 03 वितरण बिजली कंपनियां हैं प्रदेश में

- 1.66 करोड़ उपभोक्ता हैं

- 6.50 करोड़ यूनिट बिजली खपत करते हैं

- 1900 से 2500 करोड़ राजस्व हर माह बिजली कंपनियों को मिलता है

व्यवस्था के विस्तार में इन्हें यह फायदा

उपभोक्ताओं को ये फायदा: क्षेत्र की बिजली अधिक समय तक बंद नहीं रहेगी। यदि बंद रहती भी है तो उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि मैदानी अमला व अधिकारी स्वत: संज्ञान लेकर कम से कम समय में फीडर चालू कराने का प्रयास करेंगे। ऐसा नहीं किया तो मामला लिखा-पढ़ी में आएगा और समीक्षा में संबंधित अधिकारियों की क्लास ली जाएगी।

बिजली कंपनी को फायदा : आमतौर पर कई बार कुछ जनप्रतिनिधि व उपभोक्ता इस बात की शिकायत करते हैं कि उनके क्षेत्र में बिजली बंद है। यहां तक तो शिकायतें सही रहती हैं, लेकिन इनमें से कुछ शिकायतें ऐसी होती हैं, जिनमें घंटों बिजली बंद होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बिजली बंद रहने का वास्तविक समय पता नहीं होता है। इसके कारण संबंधित क्षेत्र के मैदानी अमले की फजीहत होती है। अब ऐसा नहीं हो रहा है। बिजली कंपनी आरोप लगाने वालों को बिजली बंद होने व चालू किए जाने का वास्तविक समय बताकर संतुष्ट कर रही हैं।

Posted By: Lalit Katariya

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