Bhopal News: संत हिरदाराम नगर, नवदुनिया प्रतिनिधि। भगवान झूलेलाल की उपासना का पर्व इन दिनों उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। झूलेलाल मंदिरों में रोज आस्था की ज्योति प्रज्जवलित हो रही है। बहिराणा पूजन के साथ महाआरती कर भक्तों ने भारत देश की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की।

वरूण अवतार के वंशज विभाजित भारत के सिंध प्रांत से चालीहा महोत्सव मनाते आ रहे हैं। भारत के विभिन्न् शहरों में बसाहट के बाद भी यह परंपरा जारी रही। समाज के लोगों ने अपनी सनातन सिंधी हिंदू संस्कृति को नहीं छोड़ा। सनातन पर्व परंपरा का निवर्हन आज भी जारी है। इसी परंपरा का हिस्सा है झूलेलाल चालीहा पर्व। माना जाता है कि लगातार चालीस दिन तक वरूण देवता की पूजा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। विभाजन के बाद समाज के लोग जहां भी बसे वहां चालीहा पर्व मनाया जाता है। समाज के लोग भारत देश की सुख, समृद्धि, खुशहाली, सामाजिक एकता और एकता-अखंडता के लिए पूजन करते हैं।

महाआरती के साथ खुशहाली की प्रार्थना

चालीहा साहब की शुरूआत बहिराणा पूजन के साथ होती है। इसके बाद लगातार 40 दिन तक अखंड ज्योति प्रज्जवलित रहती है। श्रद्धालु जल एवं ज्योति की पूजा कर इष्टदेव से मंगलकामनाएं करते हैं। नेहरू पार्क स्थित झूलेलाल मंदिर में बहिराणा पूजन के साथ ही महाआरती हुई। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजकुमार वाधवानी एवं पंकज कृष्णानी के अनुसार सभी ने ईष्देवता से भारत को विश्व शक्ति बनाने की प्रार्थना की। प्रार्थना में बच्चों ने भी भाग लिया।

इस बार भव्य शोभायात्रा निकलेगी

संत हिरदाराम नगर की तीन संस्थाएं चालीहा महोत्सव मना रही हैं। पूज्य सिंधी पंचायत के महासचिव माधु चांदवानी, चालीहा उत्सव समिति के अध्यक्ष पुरूषोत्तम हरचंदानी एवं राजकुमार वाधवानी की पहल पर तीनों संस्थाएं एक ही शोभायात्रा निकालने पर सहमत हो गई हैं। 24 अगस्त को भव्य शोभायात्रा निकलेगी।

Posted By: Lalit Katariya

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