भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। शहर के कोलार के सर्वजन गृहनिर्माण समिति में बनाये कल्याण अपार्टमेंट में आई दरारों के बाद शनिवार को नगर निगम के इंजीनियरों ने बिल्डिंग का निरीक्षण किया। इसके बाद मैनिट के प्रोफेसरों को एक्सपर्ट के तौर पर मौके पर बुलवाया गया, लेकिन स्ट्रक्चरल के विशेषज्ञ नहीं आ पाए। लिहाजा अब सोमवार तक पूरा मामला टाल दिया गया है। हैरत की बात तो यह है कि नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा में कई बीटेक और एमटेक डिग्रीधारी हैं। इनके बावजूद निगम को मैनिट से विशेषज्ञों को बुलवाना पड़ रहा है। प्रशासन के निर्देश पर सोमवार को मैनिट की विशेष टीम इस बहुमंजिला इमारत की पड़ताल करेगी।

इधर, नगर निगम की तरफ से खानापूर्ति करते हुए बिल्डर को तीन दिन का शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। वहीं रहवासियों की तीन दिन के अंदर व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है। अब पूरा मामला सोमवार को मैनिट के एक्सपर्ट आने के बाद उनके द्वारा दिए गए निर्णय के आधार पर ही लिया जाएगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की उठी मांग

इधर, एक बार फिर बिल्डरों के द्वारा किए गए अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है। वहीं, शनिवार को अपार्टमेंट में पीड़ितों से मिलने कांग्रेस जिला अध्यक्ष कैलाश मिश्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। मिश्रा ने बिल्डिंग का निरीक्षण किया। मिश्रा ने इस दौरान कलेक्टर अविनाश लवानिया से चर्चा करते हुए नालों को दफन कर खड़ी की गई इमारतों की जांच की मांग की। साथ ही कल्याणी अपार्टमेंट में रहने वाले सभी पीड़ितों को तत्काल बिल्डर के माध्यम से मकान उपलब्ध कराने की बात की।

जी प्लस थ्री की ही थी बिल्डिंग परमिशन, चौथी मंजिल भी तान दी

इधर, रहवासियों ने आरोप लगाया है कि इस बिल्डिंग की जी प्लस थ्री की ही अनुमति थी, लेकिन बिल्डर ने चौथी मंजिल अतिरिक्त रूप से बनाई है। इसके कारण ही यह स्थिति बनी है। वहीं नाले के पास बने होने के कारण भी पिलर दरके हैं। कुछ रहवासियों ने तो घटिया निर्माण के आरोप लगाते हुए बिल्डर पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।

मैनिट के विशेषज्ञों की टीम को बुलवाया गया है। स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के एक्सपर्ट द्वारा सोमवार को मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट देने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। हमने नालों के आसपास जितने भी जर्जर मकान हैं, उनकी भी जांच के आदेश दिए है। वर्तमान में इस तरह की जितनी भी बिल्डिंग हैं, उनकी सूची बनाई जा रही है। सभी को नोटिस जारी किया जाएगा।

-केवीएस चौधरी कोलसानी, आयुक्त, नगर निगम भोपाल

Posted By: Ravindra Soni

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