भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। एक शिक्षक को सागर पब्लिक स्कूल प्रबंधन द्वारा बिना वेतन दिए अकारण हटाना भारी पड़ गया है। संभागीय संयुक्त संचालक राजीव तोमर ने स्कूल की मान्यता निरस्त कर दी है। जेडी ने इसके आदेश जारी कर दिए है। जानकारी के मुताबिक सागर पब्लिक स्कूल रोहित नगर में बीते 11 वर्ष से उत्कृष्ट परिणाम देने वाले शिक्षक नीतिश विश्वास भौतिकी के व्याख्याता थे। बीते एक फरवरी को उन्हें बिना वेतन दिए सेवा से अकारण हटा दिया गया। उन्होंने इस मामले की शिकायत स्कूल शिक्षा विभाग में की। मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी की गई। शिकायत के बाद नियोक्ता सुधीर कुमार अग्रवाल एवं स्कूल मैनेजमेंट द्वारा धमकी दी कि शिकायत वापिस ले लो। शिकायत वापस लेने पर सिर्फ पिछला वेतन दिया जाएगा। अन्य भत्ते नहीं दिए जाएंगे। शिकायत सही पाए जाने पर संभागीय संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा राजीव तोमर ने मान्यता नियमों के अधीन स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया। नोटिस के बाद स्कूल प्रतिनिधि के रूप में मैनेजर उत्कर्ष भावसार उपस्थित हुए। भावसार ने कहा कि विश्वास का शिक्षा काल के दौरान शैक्षणिक कार्य संस्थान के अनुकूल नहीं था। अपने सहकर्मियों के साथ उनका व्यवहार असंतोषजनक था, इसलिए संस्था प्रबंधन द्वारा सेवा भर्ती नियम अनुसार एक माह का नोटिस दिया गया है।

शिक्षक के वेतन का भुगतान नहीं किया

जेडी राजीव तोमर ने स्कूल प्रबंधन को 12 मई तक वेतन भुगतान करने का अंतिम अवसर दिया। वेतन भुगतान नहीं करने पर एक पक्षीय कार्यवाही करते हुये संस्था की मान्यता समाप्त कर संबद्धता समाप्ति के लिए सीबीएसई नई दिल्ली व सीबीएसई मान्यता के लिए जारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र को अमान्य किए जाने का उत्तरदायित्व आपका होगा। प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। अंतिम अवसर देने के बाद भी स्कूल प्रबंधन ने वेतन नहीं दिया। जिसे लेकर जेडी ने मान्यता निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए।

यह था मामला

स्कूल प्रबंधन के दस्तावेजों में शिक्षक को दिसंबर 2021 तक का वेतन भुगतान किया गया है। सिर्फ एक माह का वेतन भुगतान शेष है। संस्था प्राचार्य को निर्देशित किया कि शिक्षक का 26 अप्रैल 2022 के पहले माह जनवरी 2022 एवं फरवरी 2022 का वेतन भुगतान कर वेतन भुगतान की प्रति कार्यालय में उपस्थित कराए। जिस पर मैनेजर भावसार ने सहमति प्रदान की। व्याख्याता नीतिश विश्वास ने बीती 10 मई को बताया कि उन्हें वेतन नहीं मिला है।

Posted By: Ravindra Soni

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